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Hindi News उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ - कुंडामारपीट में घायल की नौ दिन बाद मौत पर जागी पुलिस, दर्ज की हत्या

मारपीट में घायल की नौ दिन बाद मौत पर जागी पुलिस, दर्ज की हत्या

जमीन के बंटवारे को लेकर अनुसूचित जाति के सगे भाइयों के बीच चल रहे विवाद को लेकर 12 जून की रात मारपीट हुई थी। एक भाई के पक्ष से आए बाहरी लोगों ने...

मारपीट में घायल की नौ दिन बाद मौत पर जागी पुलिस, दर्ज की हत्या
हिन्दुस्तान टीम,प्रतापगढ़ - कुंडाFri, 21 Jun 2024 10:45 PM
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जमीन के बंटवारे को लेकर अनुसूचित जाति के सगे भाइयों के बीच चल रहे विवाद को लेकर 12 जून की रात मारपीट हुई थी। एक भाई के पक्ष से आए बाहरी लोगों ने अन्य दोनों को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। नौ दिन से मारपीट की एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही पुलिस गुरुवार रात घायल की प्रयागराज में मौत होने पर जागी। रात करीब ढाई बजे मारपीट, जानलेवा हमला, हत्या के साथ एससीएसटी एक्ट का केस दर्ज कर आरोपितों के घर छापामारी की जाने लगी।
अनुसूचित जाति के सगे भाई हरीलाल, गिरधारी और राजेंद्र के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। हरीलाल और राजेंद्र एक साथ जबकि गिरधारी अलग है। 12 जून की रात उनके बीच विवाद होने लगा। आरोप है कि गिरधारी की बेटी गुड़िया के बुलावे पर बाहरी लोग आए और हरीलाल, राजेंद्र और उसकी पत्नी पायल को मारपीट कर घायल कर दिया। राजेंद्र की हालत बिगड़ी तो परिजन नर्सिंगहोम ले गए। गुरुवार रात प्रयागराज में उसकी मौत हो गई। इसके बाद राजेंद्र की भाभी सावित्री की तहरीर पर गुरुवार रात ढाई बजे गिरधारी, सगे भाई पंकज यादव और पीयूष यादव, सोनू, करन, गुड़िया, मोनू व पंकज के रिश्तेदार के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। एसओ प्रीती कटियार ने बताया कि घटना के दिन वह अवकाश पर थीं। दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया था। घायल के इलाज में व्यस्त लोगों के तहरीर न देने के कारण एफआईआर नहीं दर्ज हो सकी थी।

'पिता ने दी थी तहरीर, गाली देकर भगाया था'

हमले में घायल हरीलाल के बेटे गोविंद ने बताया कि घटना की रात पुलिस सीएचसी गई थी। वहां उसके पिता और मां का इलाज किया गया लेकिन चाचा को वापस कर दिया गया। दूसरे दिन उसके पिता तहरीर लेकर थाने गए लेकिन वहां मौजूद दरोगा ने गाली देकर भगा दिया था।

शव सड़क पर रोकने का प्रयास, पुलिस से झड़प

प्रयागराज में पोस्टमॉर्टम के बाद शाम करीब 6.45 बजे घर के करीब शव लाया गया तो लोग 200 मीटर दूर कोहंडौर कांधरपुर मार्ग पर एंबुलेंस रोकने के लिए पहुंच गए। पहले पुलिस उन्हें हटाने का प्रयास करती रही। एसआई रामजनम पांडेय सड़क जाम करने पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की चेतावनी भी देते रहे। इसके बाद भी एंबुलेंस करीब आई तो पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। हालांकि पुलिसकर्मी लोगों को सड़क से हटाकर एंबुलेंस को घर तक ले गए। तब तक सीओ सिटी शिवनारायण वैश, एएसपी पूर्वी दुर्गेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। राजेंद्र का शव घर पर रखे जाने के बाद परिजन आरोपितों पर कार्रवाई के साथ ही आर्थिक सहायता की मांग करने लगे। देर रात तक पुलिस गांव में तैनात रही।

मारपीट के बाद सीएचसी पहुंचे राजेंद्र को कोई जाहिरा चोट न होने के कारण डॉक्टर ने उसका मेडिकल भी नहीं किया था। घटना के दूसरे दिन ही एक आरोपित का चालान किया गया था। बाद में राजेंद्र की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे प्रयागराज ले गए। परिजनों से तहरीर मांगी गई थी लेकिन वे दिए नहीं थे।

दुर्गेश कुमार सिंह, एएसपी पूर्वी

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