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बोले बेल्हा : सात थानों को मिलेगा भवन, पुलिस की कम होगी मुसीबत, बढ़ेगी जनसहूलियत

बोले बेल्हा : सात थानों को मिलेगा भवन, पुलिस की कम होगी मुसीबत, बढ़ेगी जनसहूलियत

संक्षेप:

Pratapgarh-kunda News - जिले में नए साल में पुलिसकर्मियों की समस्याएं हल होंगी। नए थानों की स्थापना से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ेगी और पुलिसकर्मियों को बेहतर आवास मिल सकेगा। इससे उनकी ड्यूटी की कार्यक्षमता में सुधार होगा। नए भवनों से जनता को भी अधिक सुविधाएं मिलेंगी।

Jan 01, 2026 05:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रतापगढ़ - कुंडा
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जिले में बने नए थानों में तैनात पुलिसकर्मियों की मुश्किलें नए साल में आसान हो जाएंगी। इसके साथ ही इलाकाई लोगों को सहूलियतें दिए जाने की मंशा भी साकार होगी। किराए के भवन में चलने वाले थाने, दूर दराज किराए पर रहने वाले पुलिस कर्मियों की समस्या नए साल में दूर हो जाएंगी। इलाकाई लोगों ने आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि थानों के भवन और आवास की सुविधा उपलब्ध होने से पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से ड्यूटी कर सकेंगे। जिला मुख्यालय से 32 किलोमीटर दूर लालगंज तक वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर कोई थाना नहीं था। नगर कोतवाली, अंतू, जेठवारा और लालगंज में सीमा विवाद में लटकने वाले मामले दूर करने के लिए 2023 में रास्ते में दो नए थाने बन गए।

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अयोध्या प्रयागराज हाईवे पर देल्हूपुर, कंधई रानीगंज के बीच दिलीपपुर में नए थानों की स्थापना भी इसी मकसद से की गई थी। हालांकि थाने के पास अपना भवन, पुलिस कर्मियों के लिए आवास न होने के कारण पुलिस कर्मियों के सामने खासी मुश्किल आ रही थी। इससे उनकी ड्यूटी भी प्रभावित हो रही थी। अब नए साल में सात थानों के लिए नया भवन और वहां तैनात पुलिस कर्मियों के लिए आवास की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। लीलापुर और देहात कोतवाली दोनों थाने वाराणसी-लखनऊ हाईवे किनारे बन रहे हैं। इन दोनों थाना क्षेत्र में आने वाले गांव सई नदी की तराई और ऊबड़ खाबड़ रास्ते में हैं। इलाके के लोगों का मानना है कि कई बार घटनाओं के बाद सीमा विवाद के चलते पीड़ितों को राहत मिलने विलंब होता था। चोर, उचक्कों के साथ ही लुटेरों की भी सक्रियता अधिक रहती थी। इलाके में दो नए थाने बनने के बाद घटनाओं पर काफी कुछ अंकुश लगा है। हालांकि थाने अभी किराए के भवन में चल रहे हैं। वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दूर दराज किराए के कमरों में रहना पड़ रहा है। ऐसे में इमरजेंसी में कहीं जाने में उन्हें ज्यादा समय लग जाता है। थाने के ही भवन में आवास मिलने पर पुलिस के काम में तेजी आएगी। हाईवे के नए थाने के साथ पुराना भी होगा आबाद अयोध्या-प्रयागराज हाईवे पर नगर कोतवाली के साथ ही अब तक जिले में केवल कोहंडौर थाना संचालित हो रहा था। 2023 में प्रयागराज की सीमा पर देल्हूपुर में नया थाना बन गया लेकिन उसे अब तक अपना भवन नहीं मिल सका था। करीब चार दशक पुराने कोहंडौर थाने के पास भी यही समस्या थी। थाने की जमीन का विवाद हाईकोर्ट में होने के कारण एसओ का आवास भी टिन में है। एक कमरे में चल रहा थाना बारिश में जलभराव की समस्या से जूझता है। दरोगा सहित सभी पुलिस कर्मी यहां बाजार में किराए पर कमरा लेकर रह रहे हैं। देल्हूपुर में भी यही हालात हैं। सबसे अधिक समस्या महिला पुलिसकर्मियों को हो रही है। हालांकि अब दोनों थानों की बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। नई बिल्डिंग में भूतल पर थाने चलेंगे जबकि ऊपर की मंजिल पर पुलिसकर्मियों के लिए बैरक और आवास बनाए गए हैं। 2026 में दोनों थाने के भवन पुलिस कर्मियों को मिल जाएंगे। दिलीपपुर के साथ नवाबगंज को भी मिलेगा नया भवन दो साल पहले बने दिलीपपुर थाने के भवन का निर्माण हो चुका है। हालांकि इसे दिलीपपुर बाजार से दूर बनाया गया है। नए साल में दिलीपपुर थाने को भी अपना भवन मिल जाएगा। पुराने थाने नवाबगंज के पास भी अब तक अपना भवन नहीं था। उसका निर्माण भी तेजी से हो रहा है। नए साल में नवाबगंज थाने का नया भवन पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा। पुलिस लाइन में जाएगा साइबर थाना पुलिस अधीक्षक कार्यालय में संचालित साइबर थाना भी 2026 में पुलिस लाइन में बने नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। दो साल पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय के एक हाल में थाने की शुरुआत कर दी गई थी। उसके बाद से ही पुलिस लाइन में नए साइबर थाने का निर्माण कार्य शुरू हो गया। थाने का भवन बनकर तैयार हो गया है। 2026 में यह भी गुलजार हो जाएगा। अतीक-अशरफ के हत्यारोपी आए तो बनी हाई सिक्योरिटी बैरक शातिर अपराधियों के लिए जिला जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक का निर्माण अंतिम चरण में है। बैरक 12 कमरों की होगी। एक बैरक में 2-2 अपराधियों को रखा जाएगा। प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के आरोपियों को प्रतापगढ़ भेजा गया लेकिन जल्द ही यहां असुरक्षा को देखते हुए उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से ही जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक बनाने की प्रकिया शुरू हो गई थी। वह अब बनकर तैयार हो गई है। जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी ने बताया कि प्रत्येक बैरक में सीसीटीवी लगेगा और इसकी निगरानी लखनऊ से की जाएगी। मार्च 2026 तक निर्माण एजेंसी इसे हैंडओवर कर देगी। सभी सीओ के पास होंगे ड्रोन कैमरे, बूथों पर लगेगी लाइट नए साल में इलाके की गतिविधि जानने के लिए सभी सीओ के पास ड्रोन कैमरे दिए जाएंगे। उसे चलाने के लिए भी एक पुलिसकर्मी की नियुक्ति की जाएगी, ताकि वह इलाके पर बराबर नजर रखता रहे। ग्रामीण इलाके में बने पुलिस बूथ के बारे में बाहरी यात्रियों को जानकारी नहीं होती। ऐसे में रात को पुलिस बूथ दूर से दिखने के लिए ब्लिंकर लाइट लगाई जाएगी। यह पुलिस की लाइट के रंग में जलेगी। इसे देखकर लोग रात में भी वहां पुलिस की मदद के लिए आसानी से पहुंच सकेंगे। बोले नागरिक पहले लालगंज थाना लगता था। घटना होने के बाद पुलिस बल पहुंचने में समय लगता था। आमजन को भी थाना जाने के लिए सोचना पड़ता था। अब लीलापुर थाना बनने से सहूलियत हुई है। कोई घटना होने पर भी पुलिस कम समय में पहुंच जाती है। मृत्युंजय शुक्ल देहात कोतवाली बनने से आम जन को शहर नहीं जाना पड़ता। पहले नगर कोतवाली जाना पड़ता था। नया भवन और आवास बन जाने से पुलिसकर्मियों को किराए पर कमरा नहीं लेना होगा। दुष्यंत प्रताप सिंह देहात कोतवाली थाना बनने से लोगों को सुविधा हुई है। लोग भी खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। यहां तैनात पुलिसकर्मियों को रहने की बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए। पंचम सिंह नया भवन बनने से पुलिस की क्षेत्र में पहुंच आसान होगी और वह अधिक प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे। पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। फिरोज अहमद नए थाने में जन सुनवाई में बैठने के लिए आम जनमानस को बेहतर और आरामदायक व्यवस्था मिलेगी। जहां पुलिसकर्मियों को खुद के बैठने के लिए जगह नहीं मिलती वहां फरियादियों को और भी मुश्किल होती है। रघुनाथ उपाध्याय नए भवन में जनता के लिए भी ज्यादा सुविधाएं होंगी। शिकायत निवारण केंद्र, महिला शक्ति केंद्र, साइबर केंद्र सहित अन्य कार्यालय से सुगमता से कार्य होंगे। तीरथ पटेल नए भवन में कम्प्यूटरीकृत सिस्टम के साथ आधुनिक उपकरण और लोगों के लिए आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। बारिश, धूप और ठंड में जो भी परेशानिया होती थीं उससे निजात मिलेगी। संतोष श्रीवास्तव थानों में पुलिसकर्मियों की सहूलियत पर पहले कम ध्यान दिया जाता था। अब सरकार उनकी हर सहूलियत पर बजट जारी कर रही है। यह सरकार का बेहतर कदम है। राजकुमार अग्रहरि नवाबगंज थाना जिले की सीमा पर है। हाईवे पर होने के कारण हादसे भी अधिक होते हैं। ऐसे में पुलिस का जल्द पहुंचना जरूरी होता है। अब नए थाने में सब एक जगह रहेंगे तो सहूलियत होगी। लखी लाल। पुलिस की ड्यूटी दिनरात की होती है। 15 से 20 घंटे ड्यूटी करने के बाद भी इमरजेंसी में भागना पड़ता है। ऐसे में दो-चार घंटे आराम के समय अगर सुविधा नहीं मिलती और जीवन कठिन हो जाता है। सुजीत सिंह नया थाना लीलापुर बनने से आमजन को ही नहीं बल्कि पुलिसकर्मियों के लिए भी आसानी हुई है। नए भवन में संचालन शुरू होने के बाद पुलिसकर्मियों को किराए के कमरे में नहीं रहना होगा। राजेश पाण्डेय निर्झर प्रतापगढ़ी कोहंडौर थाने का नये भवन बनने से पुलिसकर्मियों को आरामदायक और सुरक्षित कार्य वातावरण मिलेगा। पहले टूटे-फूटे जर्जर थाने में रहना पड़ता था। थाने के करीब किराये पर भी अच्छा कमरा मिलना मुश्किल होता था। सिद्धांत तिवारी रहने के लिए अच्छी जगह मिलती है तो नींद अच्छी आती है। अच्छी नींद से कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। पुलिसकर्मी परेशानी में रहेंगे तो जनता की भी ठीक से मदद नहीं कर पाएंगे। सत्य प्रकाश रात को हम घरों में सोते हैं तो पुलिस बाहर सड़क पर होती है। लोग भोर में जगते हैं तो पुलिस कर्मी सोने जाते हैं। ऐसे में उनके लिए भी और बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए। मैशाद अहमद अभी थाने पर रहने, बैठने की समस्या है। महिला सिपाहियों की तैनाती है लेकिन उनके रहने के लिए सरकारी व्यवस्था नहीं है। अभी वे कोहंडौर बाजार में किराए पर कमरा लेकर रह रही हैं। नए भवन से उन्हें सहूलियत होगी। किशन सोनी जिले में नए थानों का निर्माण बेहतर कदम है। कोहंडौर तो पुराना थाना है लेकिन यहां जमीन की समस्या के चलते भवन नहीं बन सका था। अब बेहतर भवन बना है। जरनैल सिंह यादव थाने के पुलिसकर्मी भी सीमा के जवान की तरह ही रखवाली करते हैं। वे अपने इलाके में कोई घटना होने पर चिंतित होते हैं। नए भवन से जीवनशैली बेहतर होती तो कार्यशैली भी अच्छी होगी। महेंद्र पांडेय पुलिस को अब अपराधियों से मुकाबला करने के लिए बेहतर उपकरण मिले हैं। कोहंडौर सहित कुछ अन्य थानों पर उनके आवास की समस्या है। इसके समाधान से पुलिसकर्मियों को सहूलियत होगी। विशाल सिंह बोले जिम्मेदार नए थानों देहात कोतवाली, लीलापुर, दिलीपपुर और देल्हूपुर को नए साल में अपना भवन और पुलिसकर्मियों के लिए आवास मिल जाएगा। इससे पुलिसकर्मियों को सहूलियत मिलेगी। जल्द सभी सीओ के पास ड्रोन कैमरे होंगे और पुलिस बूथों पर ब्लिंकर लाइट लगेगी। उसके जलने से रात में दूर से ही लोगों को वहां पुलिस सहायता मिलने की जानकारी हो जाएगी। दीपक भूकर, एसपी