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पड़ोसी ने शव दफनाने से रोका, पुलिस ने समझाया

जेठवारा के पतुलकी गांव में मारे गए सुभाष चंद्र सिंह का शव उसके पैतृक गांव ले जाया गया। वहां परिजन सुबह शव दफनाने जा रहे थे लेकिन पड़ोसी ने विवाद खड़ा कर दिया। करीब ढाई घंटे तक पंचायत चलती रही। आखिरकार पुलिस के दखल के बाद शव को दफनाया जा सका। उदयपुर थाना क्षेत्र के दर्राभैयापुर निवासी सुभाष चंद्र सिंह(42) की मंगलवार रात उसकी ससुराल जेठवारा थाना क्षेत्र के पतुलकी गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद शव लेने के लिए सुभाष चंद्र सिंह के भाई पहुंचे। इसके बाद शव बुधवार की देर रात उसके पैतृक गांव पहुंचा। गुरुवार सुबह सुभाष का शव उसके हिस्से में दफनाने की तैयारी हुई। इस दौरान पड़ोसी बबलू सिंह ने विवाद खड़ा कर दिया। कहा कि जिस जमीन में शव का दफनाने जा रहे हैं उसका चकबंदी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। बबलू ने शव दफनाने से परिजनों को रोक दिया। इसे लेकर गांव के लोग भी समझाने आए लेकिन बबलू नहीं माने। सूचना पर पुलिस पहुंची और दोनों पक्ष को समझाने लगी। करीब ढाई घंटे की पंचायत के बाद पुलिस ने बबलू को समझाया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। पांच बिस्वा जमीन का था झगड़ा सुभाष सिंह की पत्नी लल्ली को मायके में पांच बिस्वा जमीन हिस्से में मिली थी। इस जमीन पर पड़ोसी सुरेंद्र सिंह ने कब्जा कर रखा है। तीन साल पहले इसी जमीन को लेकर फावड़ा व लाठी चली थी जिसमें सुरेंद्र के पिता विजय बहादुर की हत्या हो गई थी। इस मामले में सुभाष और उसकी पत्नी लल्ली को जेल जाना पड़ा था। इसी रंजिश में सुभाष की भी हत्या कर दी गई। फरार हैं तीन नामजद आरोपित सुभाष चंद्र सिंह की हत्या में नामजद चार आरोपितों में से तीन अभी फरार हैं। सुरेंद्र सिंह की पत्नी मीना को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सुरेंद्र सिंह, बालकृष्ण और आलोक उर्फ भोले फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

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  • Web Title:Neighbor stopped to bury the body