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रात को सात फेरे, सुबह बिन दुल्हन लौटी बारात

सात फेरे लेने के बाद दूल्हे के दिव्यांग होने की पोल खुली तो लड़कीवालों ने दुल्हन की विदाई से इनकार करते हुए दूल्हे व उसके परिजनों को बंधक बना लिया। पुलिस की मौजूदगी में पंचायत के दौरान वर पक्ष के लड़की की शादी का खर्च वापस करने पर उन्हें मुक्त किया गया। शादी टूट जाने के कारण बारात बिन दुल्हन लौट गई। आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अकारीपुर तिवरान निवासी मोतीलाल गौड़ की बेटी इंदू की शादी रानीगंज थाना क्षेत्र के विष्णुपुर निवासी नंदलाल के बेटे मुकेश के साथ तय थी। बुधवार शाम तयशुदा कार्यक्रम के तहत बारात अकारीपुर पहुंची। घरातियों ने हंसी-खुशी बारातियों की आवभगत की। रात में द्वारपूजा, जयमाल व विवाह सहित अन्य जरूरी रस्में हुईं। सुबह खिचड़ी की रस्म के बाद विदाई की तैयारी शुरू हो गई। ससुराल पक्ष को दिए जाने वाले सामान को भी बाहर कर दिया गया। बेटी को पहली बार ससुराल भेजने वाली औपचारिकताएं चल रही थी। इस दौरान आंगन में रस्म अदायगी के समय दूल्हे के हाथ में घड़ी पहनाते वक्त उसके दिव्यांग होने का पता चला तो महिलाओं में खुसरपुसर होने लगी। इसकी जानकारी होते ही लड़कीवालों ने मिनटभर के भीतर ही अपना फैसला बदल दिया और दुल्हन की विदाई से इनकार करते हुए दूल्हा व उसके परिजनों को बंधक बना लिया। कुछ ही क्षण में वहां का माहौल बदल गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद करीब दो घंटे तक हुई पंचायत में फैसला लिया गया कि वर पक्ष कन्या की शादी का पूरा खर्च देगा। इसके बाद बिन दुल्हन बारात लौट गई। इनका कहना है-- अकारीपुर तिवरान में शादी के बाद दूल्हे के दिव्यांग होने की जानकारी पर लड़कीवालों ने दुल्हन की विदाई से इनकार कर दिया। पंचायत में फैसला लिया गया कि वर पक्ष कन्या पक्ष को शादी का पूरा खर्च देगा। इसके बाद बिन दुल्हन बारात लौट गई। --दीनदयाल सिंह, थानाध्यक्ष आसपुर देवसरा

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  • Web Title:Marriage broken, Groom hostage