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औचक निरीक्षण में खुली पोल, साहब से चौकीदार तक गायब

अधिकारी हर सुबह 9 से 11 बजे तक कार्यालय में मौजूद रहकर जनसुनवाई करें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्देश शायद अब तक गौरा ब्लॉक तक नहीं पहुंच सका है। तभी तो गुरुवार को सवा 10 बजे औचक निरीक्षण पर वहां पहुंचे जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को चौकीदार से साहब तक गायब मिले। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों में भी भारी खामियां मिलीं। ऐसे में डीडीओ कई कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए अभिलेख अपने कब्जे में लेकर मुख्यालय चले गए। डीडीओ राजेंद्र कुमार वर्मा गुरुवार सुबह सवा 10 बजे ब्लाक कार्यालय पहुंचे तो यहां चौकीदार तक नहीं आया था। ग्राविअ समाज कल्याण अजय कुमार निर्मल 10.20, बीडीओ विकास शुक्ल, एडीओ कोआपरेटिव प्रमोद मिश्र 10.30 बजे आए। हाजिरी रजिस्टर देखा तो वष्ठि सहायक अरुण राकेश ने डीडीओ के ही कार्यालय जाने का 'टूर' लिखा था। लेकिन वह डीडीओ कार्यालय नहीं गए। एकाउंटेंट भोलापाल 10.35 बजे पहुंचे। चौकीदार शिवप्रसाद आया ही नहीं था। बोरिंग टेक्नीशियन अशोक कुमार भी टूर लिखकर गायब था। मनरेगा के पांच टीए सुनील कुमार, अवधेश कुमार, विजय कुमार, रामबाबू और नागेंद्र प्रताप सिंह गायब थे। मनरेगा का कम्प्यूटर आपरेटर संतोष तिवारी भी अनुपस्थित था। डीडीओ को कार्यालय में सफाई का भी अभाव मिला। राज्य वित्त की जांच में पाया कि कई कार्यों में टेंडर के नियमों का पालन नहीं किया गया है। ऐसे में डीडीओ ने राज्य वित्त के अभिलेखों के साथ ही हाजिरी रजिस्टर को भी अपने कब्जे में ले लिया। डीडीओ ने बताया कि चौकीदार शिवप्रसाद, वरिष्ठ सहायक अरुण राकेश और बोरिंग टेक्नीशियन अशोक कुमार का एक दिन का वेतन रोक दिया है। मनरेगा के कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए डीसी को पत्र लिखा गया है।

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  • Web Title:Many Absent in surprise inspection