DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सत्यापन के बाद ही कोटेदारों को मिलेगा खाद्यान्न

default image

सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने के लिए शासन की ओर से नई कवायद की गई है। इसके तहत अब ब्लॉकस्तरीय गोदामों में रखे गए खाद्यान्न का सत्यापन करने के बाद ही कोटेदारों को दिया जाएगा। इसके लिए ब्लॉकवार अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।

गांव के राशनकार्डधारकों को प्रति महीने मिलने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी का खेल ब्लॉकस्तरीय गोदामों पर होने की शिकायतें मिलती रहती थीं। ऐसे में अब प्रत्येक महीने गोदाम में उपलब्ध खाद्यान्न का सत्यापन कर सम्बंधित अधिकारी रिपोर्ट डीएम कार्यालय व जिला विपणन कार्यालय को देंगे। इससे पूर्व के महीने में वितरित किए गए खाद्यान्न से मिलान करने के बाद ही कोटेदारों को खाद्यान्न उठान की अनुमति दी जाएगी। गोदामों में रखे खाद्यान्न का प्रत्येक महीने सत्यापन करने के लिए डीएम मार्कंडेय शाही ने ब्लॉकवार अधिकारी नामित कर दिया है। निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक महीने की 20 तारीख तक हर हाल में सत्यापन रिपोर्ट डीएम कार्यालय पहुंच जानी चाहिए।

ग्रुप में भेजनी होगी सत्यापन की फोटो

डीएम के निर्देश में सत्यापन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि गोदाम में रखे खाद्यान्न का सत्यापन करते वक्त अधिकारी मोबाइल फोन से फोटो खींचकर ग्रुप में पोस्ट करेंगे। यदि अधिकारी ऐसा नही करेगा तो यह मान लिया जाएगा कि उसने बिना गोदाम गए ही सत्यापन कर लिया है।

इनका कहना है-

गोदाम में रखे खाद्यान्न का सत्यापन करने के लिए जिलास्तरीय अधिकारी नामित किए गए हैं। इससे खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकने में मदद मिलेगी।

धनंजय सिंह, जिला विपणन अधिकारी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: Kotdars will get food grains only after verification