DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  प्रतापगढ़ - कुंडा  ›  निजी अस्पताल में आधे से भी कम हो गए आंख वाले मरीज

प्रतापगढ़ - कुंडानिजी अस्पताल में आधे से भी कम हो गए आंख वाले मरीज

हिन्दुस्तान टीम,प्रतापगढ़ - कुंडाPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:40 AM
अभी तक जिले में ब्लैक फंगस का एक भी मरीज नहीं मिला है। बावजूद इसके आंख के सरकारी व निजी अस्पतालों में इसकी दहशत दिखने लगी...
1 / 2अभी तक जिले में ब्लैक फंगस का एक भी मरीज नहीं मिला है। बावजूद इसके आंख के सरकारी व निजी अस्पतालों में इसकी दहशत दिखने लगी...
अभी तक जिले में ब्लैक फंगस का एक भी मरीज नहीं मिला है। बावजूद इसके आंख के सरकारी व निजी अस्पतालों में इसकी दहशत दिखने लगी...
2 / 2अभी तक जिले में ब्लैक फंगस का एक भी मरीज नहीं मिला है। बावजूद इसके आंख के सरकारी व निजी अस्पतालों में इसकी दहशत दिखने लगी...

अभी तक जिले में ब्लैक फंगस का एक भी मरीज नहीं मिला है। बावजूद इसके आंख के सरकारी व निजी अस्पतालों में इसकी दहशत दिखने लगी है। निजी अस्पतालों में पखवाड़े भर से आने वाले मरीजों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। निजी अस्पतालों में पखवाड़े भर पहले हर दिन 120 से 140 मरीज आंख की जांच कराने पहुंच रहे थे, पखवाड़े भर से यह संख्या घटकर 40 से 50 मरीज हो गई है। इसी तरह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पखवाड़े भर पहले हर दिन 30 से 40 मरीज आंख की जांच कराने आ रहे थे, यह संख्या अब घटकर 10 से 15 मरीज हो गई है। सोमवार को आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान ने आंख के सरकारी व निजी अस्पताल में ब्लैक फंगस को लेकर तैयारियों की हकीकत खंगाली।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में देखे जा रहे आंख के मरीज

संक्रमण के चलते जिला अस्पताल के नेत्र वार्ड बंद चल रहा है लेकिन आंख के मरीजों का इलाज इमरजेंसी वार्ड में किया जा रहा है। ब्लैक फंगस का फैलाव देखते हुए नेत्र वार्ड में फिर से सुसज्जित किया जा रहा है। इसमें ऑक्सीजन, कंसन्ट्रेटर सहित चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी और ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज को इसी वार्ड में रखा जाएगा। सीएमओ डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लैक फंगस की दवा प्रयागराज से प्राप्त हो चुकी है।

कोरोना जांच के बाद कर रहे आंख का ऑपरेशन

वैसे तो निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के कारण मरीजों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। संक्रमण का फैलाव बढ़ने के बाद जिला अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी गई थी, इसके बाद आंख के निजी अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई थी। अब ब्लैक फंगस की दहशत के चलते मरीज अस्पताल जाने से बच रहे हैं। बहुत जरूरी होने पर ही मरीज अस्पताल में आंखों की जांच करा रहे हैं। सदर मोड़ स्थित निजी अस्पताल के संचालक डॉ. देवांशू ओझा ने बताया कि सिर्फ इमरजेंसी वाले मरीजों का ही ऑपरेशन किया जा रहा है, पहले उनका कोविड टेस्ट कराया जाता है, इसके बाद ऑपरेशन किया जाता है। रेलवे स्टेशन रोड के बगल स्थित सीतापुर आंख अस्पताल में भी संक्रमण के मद्देनजर ओपीडी बंद कर दी गई है। इमरजेंसी वाले मरीजों का ही इलाज किया जा रहा है।

इनका कहना है-

फिलहाल अभी जिले में एक भी ब्लैक फंगस का मरीज अथवा संदिग्ध नहीं मिला है। बावजूद इसके जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों के इलाज की तैयारी कर ली गई है। आंख के निजी अस्पतालों को भी सतर्क कर दिया गया है कि कोई संदिग्ध मिले तो तत्काल इसकी सूचना दें जिससे समय पर जांच व इलाज मुहैया कराया जा सके।

डॉ. अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ

संबंधित खबरें