
घर पर शव रखकर अंतिम संस्कार न करने पर अड़े, समझाने पर माने
Pratapgarh-kunda News - लालगंज में 44 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दिनेश वर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ गए और कई मांगें रखीं। नायब तहसीलदार ने समझाने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की है।
लालगंज, हिन्दुस्तान संवाद। अचेत मिले ई-रिक्शा चालक की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़ गए और अपनी मांगें रखी। हालांकि नायब तहसीलदार के समझाने के बाद परिजनों अंतिम संस्कार के लिए मान गए। लीलापुर थाने के सरायताल मकई निवासी 44 वर्षीय दिनेश वर्मा 16 दिसबंर को सुबह लालगंज के तिनमोहनिया के पास अचेत अवस्था में मिला था। पुलिस ने उसे अस्पताल भेजा। सूचना पाकर परिजन पहुंचे और उसे गंभीर हालत में मेडिकल कालेज के बाद प्रयागराज रेफर किया गया। प्रयागराज में इलाज के दौरान 17 दिसंबर को मौत हो गई।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले में मृतक के बेटे अंकुश की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। 18 दिसंबर को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। शुक्रवार को परिजन आरोपितों की गिरफ्तारी, आर्थिक सहायता, जमीन का पट्टा आदि मांगों को लेकर शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसकी सूचना पर पहले पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन नहीं माने। सदर नायब तहसीलदार दिनेश तिवारी ने काफी देर तक परिजनों को समझाया। नायब तहसीलदार के समझाने पर करीब छह घंटे बाद परिजन माने और अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। परिजनों के राजी होने के बाद पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस दी। लीलापुर एसओ मनोज पांडेय ने कहा कि परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छानबीन की जा रही है।

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