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प्रतापगढ़ - कुंडा

नहरों में उड़ रही धूल, सूख रही धान की पौध

हिन्दुस्तान टीम,प्रतापगढ़ - कुंडाPublished By: Newswrap
Sat, 10 Jul 2021 03:30 PM
नहरों में उड़ रही धूल, सूख रही धान की पौध

धान की रोपाई के समय नहरों में पानी नहीं है। अधिकतर नहरें सूखी हैं तो कुछ में पानी आया भी जरूरत से बेहद कम। ऐसे हालात में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। कई किसान ऐसे रहे जिन्होंने शुरुआती बारिश में रोपाई कर दी, अब उनकी पौध खेत में पानी के अभाव में सूख रही है। खेत की भराई तो दूर नर्सरी को सूखने से बचाने में किसानों को मशक्कत करनी पड़ रही है। नहर वाले इलाकों में सबमर्सिबल व पंपिग सेट का अभाव है। ऐसे में समस्या और भी गंभीर है। कई किसान खुद पंपिंग सेट लगाकर खेत की भराई कर धान की रोपाई कराने में जुटे हैं। हालांकि डीजल के दाम महंगे होने से ऐसा करना सब के बस की बात नहीं। सिंचाई विभाग का अपना अलग रोना है। अधिकारी इस बात को तो मानते हैं कि इस समय पानी की सबसे अधिक जरूरत किसानों को है लेकिन जरूरत के हिसाब से इसकी उपलब्धता न होना प्रमुख वजह है। दूसरी तरफ धान की नर्सरी बेकार होने का किसानों को डर सता रहा है।

उपाध्यक्ष ने शासन को भेजी शिकायत

सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रोस्टर के मुताबिक 25 जून से नहरों में पानी आना था। अब तक पानी नहीं आने से धान की रोपाई पिछड़ रही है। अधिकारियों के मनमानी की शिकायत शासन को भेजकर नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की है।

इनका कहना है...

नहरों में पानी छोड़ा गया है लेकिन जरूरत के अनुसार पानी की उपलबधता नहीं है। कम पानी आने से यह तलहटी से ऊपर नहीं आ रहा है। ऐसे में बहुत से किसान सिंचाई करने के लिए बंधा बना लिया है। इससे नहर में आगे पानी नहीं पहुंच रहा है। अधिक पानी की उपलब्धता के लिए डिमांड भेजी गई है।

शैलेश सिंह, एक्सईएन सिंचाई विभाग।

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