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प्रतापगढ़ शहर की तंग गलियों में लगी आग तो बचना मुश्किल

प्रतापगढ़ शहर की तंग गलियों में लगी आग तो बचना मुश्किल

प्रतापगढ़ शहर के अधिकांश बड़े बाजार तंग गलियों में हैं। यहां अतिक्रमण ऐसा है कि बाइक या पैदल चलना भी मुश्किल है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके तक नहीं पहुंच सकती हैं। ऐसे में अगर कहीं आग लग जाए तो हालात काफी गंभीर होंगे। यकीनन बड़े स्तर पर जानमाल की हानि होगी। हालांकि कुछ बाजार में पहले भी आग लगने की घटना हो चुकी है। हिन्दुस्तान की पड़ताल करती यह रिपोर्ट...। पंजाबी मार्केट : हर वक्त रास्ता रहता है जाम : श्रीराम तिराहे से हाइवे की ओर जाने वाली गली में स्थित इस मार्केट में कपड़े के साथ ही कई अन्य सामान की बड़ी दुकानें हैं। बेहद सकरी गली में स्थित इस मार्केट से अतिक्रमण के चलते किसी हाल में चारपहिया वाहन नहीं निकल पाता। तिराहे पर अवरोध लगाकर तिपहिया व चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद किया गया है लेकिन हाईवे की ओर से वाहन लेकर आ जाते हैं। इससे जाम लग जाता है और फिर पुलिस को भी घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। श्याम बिहारी गली : फायर ब्रिगेड का पहुंचना मुश्किल: सोनारी मोहल्ला के नाम से पहचानी जाने वाली यह गली इतनी तंग है कि कोई रुकावट न होने पर भी फायरब्रिगेड की गाड़ी अंदर तक नहीं जा सकती। इस मोहल्ले की एक दुकान में पिछले दिनों आग लगी तो फायरब्रिगेड की गाड़ी को हाईवे पर रोकना पड़ा। दुकान हाईवे के करीब होने के कारण पाइप से आग बुझा दी गई। वरना हाथ मलने के अलावा कोई अन्य चारा नहीं होता। इसी मोहल्ले में स्थित एक पटाखे की गोदाम में भी आग लगने की घटना हो चुकी है। इसके बाद भी लोग आग की घटनाओं से बेपरवाह हैं। गल्ला मंडी: पहले भी हो लग चुकी है आग : जिला मुख्यालय की मंडी के नाम से पहचानी जाने वाली गल्ला मंडी आग की विभीषिका झेल चुकी है। आधी रात को लगी आग में गल्ला मंडी के साथ ही रेडीमेड की कई दुकानें भी जलकर राख हो गई थीं। मार्केट में एक दो गलियों से ही बाइक गुजर सकती है और अन्य गलियों में तो अतिक्रमण के कारण पैदल गुजरना भी मुश्किल है। सब्जी मंडी : अतिक्रमण से निकलना कठिन : महुली मंडी में शिफ्ट होने से पहले पुरानी सब्जी मंडी ही जिले का प्रमुख बाजार था। मंडी में जाने के लिए एकमात्र सड़क पंजाबी मार्केट से निकलती है। सड़क पहले से ही तंग होने की दशा में मंडी तक वाहनों के जाने में दिक्कत होती थी। अब तो सड़क पर ही दुकानें लग रही हैं और स्थाई दुकानदारों ने भी काफी आगे तक अतिक्रमण कर लिया है। ऐसे में हर समय पैदल चलने वाले लोगों से ही जाम का नजारा रहता है और बाइक सवार भी इस गली से जाने से गुरेज करते हैं। तारों के मकड़जाल से हर समय खतरा : पंजाबी मार्केट में विद्युत तारों का मकड़जाल हर समय हादसे को दावत देता रहता है। मार्केट के प्रतिष्ठित व्यवसायी सोनू सरदार की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इसके बाद व्यापारियों ने भी तारों का मकड़जाल खत्म करने की मांग की। गर्मी में तो आए दिन तार स्पार्क करने से चिनगारी निकलती रहती है। इसके बाद भी विद्युत विभाग बेपरवाह बना है। अग्निशमन अधिकारी महेंद्र प्रसाद का कहना है कि शहर की कई गलियों में हमारी बड़ी गाड़ी नहीं जा सकती। कई बार ऐसी दिक्कत आई है। ऐसे में हम सिर्फ 4 सौ लीटर पानी कर क्षमता वाली छोटी गाड़ी भेजते हैं। अगर घटना स्थल के पास पानी मिल जाता है तो काम चल जाता है। नहीं तो बाहर आकर पानी ले जाना पड़ता है। हालात देखते हुए दुकानदार सजगता बरतें। फायरकिट समय पर रिफिल कराएं और उसका उपयोग जानें। अगर आग लगते ही फायरकिट का उपयोग कर लेंगे तो वह बड़ा रूप नहीं ले सकेगी।

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