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हिन्दुस्तान में खबर छपी तो प्रतापगढ़ में शुरू हुई सई की सफाई

बेल्हा की जीवनदायिनी सई नदी का पानी काला होने की खबर बुधवार को 'हिन्दुस्तान' में प्रकाशित हुई तो जिला प्रशासन कुम्भकर्णी नींद से जागा। दोपहर में जेसीबी मशीन व एक दर्जन सफाईकर्मियों के साथ बेल्हा देवी घाट पहुंचे नगर पालिका के अफसरों ने सफाई कराई। हालांकि काले पड़ चुके नदी के पानी को स्वच्छ करने में अफसरों को अभी कोई विकल्प नहीं मिल रहा है। सई को जिले की गंगा कहा जाता है, लेकिन इस समय उसके पानी को देखकर ऐसा लगता है कि वह गंदे नाले में परिवर्तित होती जा रही हैं। इससे नदी में रहने वाले जीव-जंतु व नदी के कछार पर बसे ग्रामीणों के लिए खतरा बढ़ गया है। कछार पर बसे लोग इसी पानी से स्नान करते हैं, और जानवरों के लिए प्रयोग करते हैं। इस खबर को 'हिन्दुस्तान' ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका के अफसर जेसीबी व सफाईकर्मियों के साथ बेल्हा देवी घाट पहुंच गए। नदी से गंदे मलबे को निकाला गया और सफाईकर्मियों ने घाट की सफाई की। शाम तक घाट पर सफाई चलती रही। नदी के काले पानी को स्वच्छ करने के बाबत जिला प्रशासन ने अभी कोई रणनीति नहीं बनाई है, जबकि इसी घाट पर चार जून को गंगा दशहरा महोत्सव होगा। योगी के सामने रखेंगे सई का मुद्दा बुधवार को जिले में आए प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह सई नदी के काले हो रहे पानी का मुद्दा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठाएंगे। उन्होंने सई नदी को स्वच्छ बनाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन भी दिया।

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  • Web Title:Cleaning the Sai River