ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ - कुंडानफरती भाषा से चुनाव लड़ने का लगे प्रतिबंधः प्रमोद

नफरती भाषा से चुनाव लड़ने का लगे प्रतिबंधः प्रमोद

लालगंज। नफरती भाषा देश के लिए अत्यंत संवेदनशील व ज्वलंतशील है। नफरती भाषा बोलकर राजनीतिक लाभ लेने वालों को चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया...

नफरती भाषा से चुनाव लड़ने का लगे प्रतिबंधः प्रमोद
हिन्दुस्तान टीम,प्रतापगढ़ - कुंडाFri, 08 Dec 2023 01:30 AM
ऐप पर पढ़ें

लालगंज। नफरती भाषा देश के लिए अत्यंत संवेदनशील व ज्वलंतशील है। नफरती भाषा बोलकर राजनीतिक लाभ लेने वालों को चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए। यह बातें राज्यसभा सांसद व विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने गुरूवार को राज्यसभा में कही। सांसद प्रमोद ने कहाकि नफरती भाषा देश में दंगे फसाद व उत्तेजना का माहौल बढ़ाते हैं। यह बड़ी चिंता का विषय है। सदन में दिए गए अपने बयान में सांसद प्रमोद ने कहाकि संविधान में अनुच्छेद पचीस सभी को अपने धर्म और आस्था का अधिकार प्रदान करता है। पूर्व योजित ढंग से अगर किसी के धर्म व आस्था को ठेस पहुंचायी जाए तो अभी आईपीसी की धारा में 153 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है। चिंताजनक स्थिति फिर भी यह है कि कानून की स्पष्टता के कारण सिर्फ राजनैतिक लाभ हासिल करने के लिए इसका जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। विधि आयोग की रिपोर्ट के हवाले से सदन को बताया कि वर्ष 2014 में 323 नफरती भाषा को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ है। 2020 में यह छह गुना बढ़कर 1804 पहुंच और 2022 में नफरती भाषा को लेकर 1500 तक मामले दर्ज हुए। इन आंकड़ों में चिंताजनक सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की तस्वीर बयां हो रही हैं। कहाकि सामाजिक संरचना के ढांचे को बिगाड़ने के लिए हेटस्पीच के जरिए देश में किसी को भी दंगे फसाद व उत्तेजना का माहौल बनाने की कतई इजाजत न ही होनी चाहिए।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें