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बोले बेल्हा : खस्ताहाल सड़क और गंदगी के साथ पेयजल की किल्लत से जूझ रहे लोग

बोले बेल्हा : खस्ताहाल सड़क और गंदगी के साथ पेयजल की किल्लत से जूझ रहे लोग

संक्षेप:

Pratapgarh-kunda News - शिवगढ़ ब्लॉक के बालीपुर गांव में सड़क, जल और सफाई की गंभीर समस्याएँ हैं। सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। गंदगी और टूटी नालियों के कारण संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। गांव में पेयजल की किल्लत है और सार्वजनिक शौचालय हमेशा बंद रहता है।

Dec 13, 2025 05:41 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, प्रतापगढ़ - कुंडा
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शिवगढ़ ब्लॉक का बालीपुर गांव मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। सड़क की हालत यह हो गई कि उसे देखकर इस बात का विश्वास ही नहीं हो पाता कि कभी वह काली सड़क थी। इससे लोगों को आवागमन में बहुत परेशानी हो रही है। टूटी नालियों व सफाई की कमी से गांव की गंदगी का निस्तारण नहीं हो रहा है। बजबजाती नालियों से गांववालों को संक्रामक रोगों का खतरा डराता रहता है। पेयजल की हालत भी ठीक नहीं है। पूरे जिले में जल जीवन मिशन के तहत लोगों के घर तक साफ पेयजल पहुंचाने के लिए पाइप बिछाकर टोंटी लगाई जा रही है।

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लेकिन यहां न तो बोरिंग हुई और न पानी का ओवरहेड टैंक ही बनाया गया। इससे लोग साफ पेयजल के लिए परेशान रहते हैं। कई बार शिकायत और मांग करने के बाद भी समस्याओं का निस्तारण करने की पहल तक नहीं हो रही है। गांववालों ने आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से पीड़ा साझा करते हुए समस्याओं से निदान की मांग उठाई है। शिवगढ़ का बालीपुर गांव लच्छीपुर रामापुर मार्ग किनारे स्थित है। इस मार्ग से गांव के लिए कई साल पहले पक्की सड़क बनाई गई थी। लेकिन मरम्मत के अभाव में सड़क टूटती गई और अब हालत यह हो गई कि सड़क पर डामर तो दूर गिट्टी भी नहीं दिखाई दे रही है। बरसात में इस पर इतना अधिक पानी भर जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों को आवागमन में बहुत परेशानी हो रही है। सड़क के लिए कई सालों से लोग अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से बार-बार मांग कर रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि आश्वासन मिल रहा है लेकिन सड़क नहीं बनाई जा रही है। इसी तरह गांव में नालियों का अभाव है। जो हैं वे टूटी हैं या पक्की नहीं की गई हैं। इससे चारों तरफ गंदा पानी जमा होता रहता है। लोगों के घरों से निकलने वाला गंदा पानी गांव के बाहर नहीं जा पा रहा है। वह रास्तों के किनारों से लेकर लोगों के घरों के आसपास इकट्ठा होता रहता है। इससे उठने वाली दुर्गंध से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। नालियों में बजबजाती गंदगी से मच्छर और मक्खियों की भरमार होती जा रही है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराता रहता है। सफाईकर्मी के न आने से गंदगी की समस्या और गंभीर हो गई है। चारों ओर गंदगी फैली रहती है। नालियों की सफाई न होने से गंदगी को सबसे अधिक बढ़ावा मिल रहा है। हवा से उड़कर जो भी कूड़ा करकट नाली में जाता है वह वहीं सड़ता रहता है। इससे नाली के आसपास वाले घरों में रहने वालों को बहुत परेशानी हो रही है। लेकिन उनकी इस समस्या पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। गांववालों का कहना है कि उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि अन्य कई गांव में उनके परिचितों को आवास योजना का लाभ मिल गया है। इससे उनके पास पक्की छत हो गई है। जबकि यहां लोग आवास के लिए बार-बार मांग करते हैं लेकिन कभी आवास की सूची में उनका नाम नहीं आता। इससे उन लोगों को बरसात में बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन अधिकारी व जनप्रतिनिधि उनकी इस मांग पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सार्वजनिक शौचालय में बंद रहता है ताला बालीपुर में सार्वजनिक शौचालय बना है लेकिन उसमें ताला बंद रहता है। इससे यह गांव वालों के काम नहीं आ पा रहा है। केयरटेकर ने कहा कि बच्चे गंदगी और तोड़फोड़ करते हैं इसलिए ताला बंद कर दिया जाता है। केयरटेकर के मुताबिक, सुबह ताला खोल दिया जाता है और दिन में बंद कर दिया जाता है। लेकिन गांववालों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय में हमेशा ताला बंद रहता है। इसलिए वह गांववालों के इस्तेमाल में नहीं आ रहा है। इससे खुले में शौच को बढ़ावा मिल रहा है। पहले से गंदगी से जूझ रहे गांव की परेशानी में और इजाफा हो रहा है। गांववालों का कहना है कि यदि सार्वजनिक शौचालय खोल दिया जाए तो अचानक जरूरत पड़ने पर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। लेकिन ताला बंद देख लोग उसका इस्तेमाल नहीं करते। पेयजल की किल्लत नहीं हो पा रही दूर बालीपुर में जल जीवन मिशन के तहत न तो नलकूप की बोरिंग हुई है और न ही पानी का ओवरहेड टैंक लगाया गया है। जबकि गांववालों का कहना है कि पूरे जिले में सभी गांवों में लोगों के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए पाइप बिछाकर टोंटी लगाई जा रही है। लेकिन उनका गांव आज भी हैंडपंप के सहारे अपनी प्यास बुझा रहा है। लेकिन उसमें भी आधा दर्जन इंडियामार्का हैंडपंप खराब हो गए हैं। उनकी मरम्मत नहीं की जा रही है। जबकि हैंडपंप खराब होने की सूचना लोगों ने कई बार दी है। फिर भी पेयजल के लिए कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। लोग शुद्ध और आसानी से उपलब्ध होने वाले पेयजल की मांग कर रहे हैं। जगह-जगह डंप हो गया है कूड़ा सफाईकर्मी के न आने की वजह से गांव का कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। कई जगह इतना कूड़ा जमा हो गया है मानों वहां कूड़ा अड्डा बनाया गया हो। जब पानी बरस जाता है तो कूड़े में मौजूद गंदगी सड़ते हुए इतना दुर्गंध करती है कि हवा का झोंका उधर से आने पर लोग नाक मुंह बंद करने को मजबूर हो जाते हैं। गर्मी में सूखकर हल्का हो चुका कूड़ा हवा के तेज झोंकों संग उड़ता है तो लोगों के दरवाजे ही नहीं बल्कि घरों तक में पहुंच जाता है। इससे लोगों का मन खराब हो जाता है। लेकिन उनकी शिकायत के बाद भी डम्प कूड़ों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। इससे गांव में गंदगी बढ़ती जा रही है। जरा हमारी भी सुनिए.... गांव में लोगों की सुविधा क लिए सार्वजनिक शौचालय बना है। लेकिन उसमें ताला बंद रहता है। ऐसे में अचानक जरूरत पर भी वह गांव वालों के काम नहीं आ रहा है। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय बनने से गांव वालों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। -पन्ने अली गांव में बनी आधी अधूरी नालियां कचरे से पट गई हैं। उसमें गंदे पानी संग कूड़ा कचरा डम्प होने से उसका पानी बह नहीं पाता। सफाई कर्मचारी आता नहीं है। इससे नालियों की सफाई भी नहीं हो पाती है। नालियों का कचरा रास्तों पर भी फैला रहता है। -राजू गांव में सफाई कर्मचारी न आने के कारण कचरा रास्तों के किनारे डंप रहता है। इससे आने-जाने वाले राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत की गई फिर भी सफाई नहीं कराई जा रही है। इससे चारों ओर गंदगी बिखरी रहती है। गांववालों को इससे बहुत परेशानी हो रही है। लेकिन सफाई पर फिर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। -कमालुद्दीन एक तो गांव में जल जीवन मिशन के तहत लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने का इंतजाम नहीं किया जा रहा है तो दूसरी तरफ जिन हैंडपंप के सहारे गांववाले काम चला रहे हैं उनमें भी आधा दर्जन हैंडपंप खराब पड़े हैं। लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। -मो. इमरान सफाई न होने से हर तरफ कचरों का ढेर लगा रहता हैं। जिसके कारण मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गंदगी से छोटे-छोटे बच्चों पर बीमारी का खतरा मंडराता रहता है। सफाई के लिए कई बार शिकायत की गई फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।। -सामुद अली गांव में बने सार्वजनिक शौचालय में ताला बंद रहने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रात में महिलाओं और बच्चों को शौच जाने के लिए जंगली जानवरों का भय बना रहता है। फिर भी सार्वजनिक शौचालय का ताला नहीं खोला जा रहा है। -इस्तियाक अली सड़क खराब हुए कई साल बीत गए। हर साल इसकी मरम्मत का आश्वासन मिलता है लेकिन कभी सड़क पर काम नहीं शुरू किया गया। जबकि सड़क जर्जर हो चुकी है। दूर से देखने पर वह सड़क की बजाय कच्चा चकरोड दिखती है। जब सड़क की ऊपरी परत टूटनी शुरू हुई तभी से शिकायत की जा रही है। -नीमर नालियों की सफाई न होने से जो नालियां लोगों ने खुद खुदाई कर कच्ची मिट्टी में बनाई हैं वे भी जल निकासी के काम नहीं आ पा रही हैं। उनमें पानी जमा होकर सड़ता रहता है। जबकि नालियों और उनकी सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाए तो लोगों को गंदे पानी के जलभराव, मक्खी, मच्छर आदि से काफी राहत मिल जाएगी। -इरशाद अली हैंडपंप काफी दिनों से खराब पड़े हैं। यदि उनकी मरम्मत करा दी जाए तो गांववालों को काफी सहूलियत हो जाएगी। लेकिन न तो खराब हैंडपंपों की मरम्मत की जा रही है और न ही अन्य गांवों की तरह पानी की टंकी या नलकूप बनाकर पानी की आपूर्ति करने का इंतजाम किया जा रहा है। इससे बहुत परेशानी हो रही है। -मुसाफिर गांव में आने के लिए मुख्य सम्पर्क मार्ग कई साल पहले बनाया गया था। उस समय वह काली और चमकदार सड़क थी। लेकिन समय के साथ वह टूटकर जर्जर हो गई। उसकी गिट्टी तक गायब हो चुकी है। ऐसे में इस पर आवागमन बहुत परेशानी पैदा कर रहा है। खासकर बरसात में तो यह बाधित होने लगता है। इसलिए इसकी मरम्मत जल्द से जल्द होनी चाहिए। -कमरुल निशा सार्वजनिक शौचालय को गांववालों के लिए खोल देना चाहिए। लेकिन उसमें ताला बंद रहता है। इससे वह गांववालों के काम नहीं आ रहा है। जिनके पास निजी शौचालय नहीं है वे खुले में शौच को जाने को मजबूर हो रहे हैं। इससे गंदगी को भी बढ़ावा मिल रहा। जबकि ताला खोल दिया जाए तो महिलाओं और चलने फिरने में असहाय हो चुके लोगों को बहुत राहत मिलेगी। -मुनीर अली बोले जिम्मेदार गांव की समस्याओं की निरीक्षण कराकर शीघ्र ही उसका समाधान कराया जाएगा। इसमें किसी की भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -संजय नारायण झा, बीडीओ शिवगढ़