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Hindi News उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ - कुंडास्पेस लैब में बाल वैज्ञानिकों की नर्सरी तैयार करेगा प्रशासन

स्पेस लैब में बाल वैज्ञानिकों की नर्सरी तैयार करेगा प्रशासन

जिले के बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा तराशने के लिए प्रशासन की ओर से सुखपालनगर में सर सीवी रमन विज्ञानिका स्पेस लैब की स्थापना कराई गई है। छह अलग-अलग...

स्पेस लैब में बाल वैज्ञानिकों की नर्सरी तैयार करेगा प्रशासन
स्पेस लैब में बाल वैज्ञानिकों की नर्सरी तैयार करेगा प्रशासन
हिन्दुस्तान टीम,प्रतापगढ़ - कुंडाFri, 21 Jun 2024 10:30 PM
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जिले के बाल वैज्ञानिकों की प्रतिभा तराशने के लिए प्रशासन की ओर से सुखपालनगर में सर सीवी रमन विज्ञानिका स्पेस लैब की स्थापना कराई गई है। छह अलग-अलग पार्ट में बनाई गई स्पेस लैब प्रयागराज मंडल की पहली और प्रदेश की चौथी लैब है। इसमें कक्षा छह से आठ तक के वैज्ञानिक सोच वाले छात्र-छात्राओं की प्रतिभा तराशी जाएगी। शुक्रवार को स्पेस लैब की शुरुआत सदर विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य ने फीता काटकर की।
मुख्य अतिथि सदर विधायक राजेन्द्र कुमार मौर्य ने कहा कि डीएम संजीव रंजन और सीडीओ नवनीत सेहारा की यह पहल जिले के स्वर्णिम इतिहास का गवाह बनेगी। उन्होंने बीएसए भूपेन्द्र सिंह की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी शानदार सोच का परिणाम है। भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि यह जिले के गौरव का विषय है। डीएम संजीव रंजन ने कहा कि इसकी स्थापना से बच्चों की वैज्ञानिक सोच विकसित करने में मदद मिलेगी। सीडीओ नवनीत सेहारा ने कहा कि लैब में बच्चे टेलीस्कोप के माध्यम से खगोलीय घटनाओं को देख सकेंगे। संचालन उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्हूपुर की कक्षा आठ की छात्रा अनुप्रिया पटेल ने किया। समारोह में विज्ञानिका स्पेस लैब के प्रभारी गोविंद यादव, बीईओ सदर संतोष श्रीवास्तव, बीईओ मुख्यालय शिवबहादुर मौर्य, अमित दुबे, बंशीधर पांडेय, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे।

दो माह में एक बच्चे को भेजा जाएगा इसरो लैब

बीएसए भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि स्पेस लैब में प्रशिक्षण लेने वाले बाल वैज्ञानकों का हर दो महीने में टेस्ट लिया जाएगा। अव्वल छात्र अथवा छात्रा को इसरो लैब का भ्रमण कराया जाएगा। जिससे उसकी वैज्ञानिका सोच का विकसित किया जा सके।

संचालन के लिए प्रशिक्षित किए जाएंगे शिक्षक

सीडीओ नवनीत सेहारा ने बताया कि स्पेस लैब संचालित करने और बाल वैज्ञानिकों को टिप्स देने के लिए विज्ञानिका स्पेस लैब के प्रभारी गोविंद यादव की टीम परिषदीय स्कूल के शिक्षकों का चयन करेगी। इसके बाद उन्हें तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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