आप पूछ रहे थे क्या मिला? अखिलेश यादव को पूजा पाल ने दिया जवाब, सपा पर बरसीं
बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष और चायल विधायक पूजा पाल ने एक्स पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा में चाय वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है और पाल समाज का बेटा-बेटी किसी भी संवैधानिक पद तक पहुंच सकता है। वहीं सपा पर परिवारवाद और चुनिंदा नेताओं तक सीमित रहने का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष और कौशांबी की चायल विधानसभा सीट से विधायक पूजा पाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया मंच एक्स के जरिए तीखा हमला बोला है। उन्होंने अखिलेश यादव के एक सवाल का जवाब देते हुए भाजपा की कार्यशैली की सराहना और सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया। पूजा पाल ने अपनी पोस्ट में लिखा, "अखिलेश यादव जी, आप पूछ रहे थे कि मुझे क्या मिला? आज आपके प्रश्न का जवाब देती हूं। मुझे गर्व है कि मैं पाल समाज की बेटी हूं और भाजपाई हूं। मैं उस पार्टी में हूं, जहां चाय वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। यह मेरी क्षमता पर निर्भर करता है।"
पूजा पाल का अखिलेश को जवाब
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा में पाल समाज का बेटा या बेटी विधायक, सांसद, मंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों तक पहुंच सकता है। उनके मुताबिक भाजपा में हर कार्यकर्ता को योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। सपा पर हमला बोलते हुए पूजा पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी में अतीक, मुख्तार, आजम और सैफई परिवार के अलावा किसी का भविष्य न पहले था और न आगे होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा में परिवारवाद और सीमित लोगों का वर्चस्व रहा है, जबकि भाजपा सभी वर्गों और समाज के लोगों को समान अवसर देने का दावा करती है।
यूपी बीजेपी की नई टीम में मिली जगह
आपको बता दें यूपी चुनाव 2027 और लोकसभा चुनाव 2029 के मद्देनजर यूपी बीजेपी ने हाल ही में अपनी नई टीम का ऐलान किया है। 46 पदाधिकारियों के नामों की सूची जारी कर दी गई है। जिसमें 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री, 19 मंत्री बनाए गए हैं। इस सूची में बीजेपी ने विपक्षी खेमे में सेंधमारी करते हुए समाजवादी पार्टी से विधायक बनीं पूजा पाल को अपनी टीम में शामिल कर उन्हें यूपी बीजेपी का नया प्रदेश उपाध्यक्ष घोषित किया। सबसे पहले 2007 और 2012 में बसपा के टिकट पर पूजा पाल ने अतीक के भाई अशरफ और फिर खुद अतीक को चुनाव में पटखनी दी थी। लेकिन 2017 में पूजा फिर से बसपा के टिकट पर ही चुनाव में उतरीं। इस बार भाजपा के सिद्धार्थनाथ सिंह से हार गईं। पूजा पाल 40 हजार 499 वोट के साथ तीसरे नंबर रहीं। अगले ही साल (फरवरी- 2018) में उन्हें बसपा से निकाल दिया गया। कहा गया कि वे भाजपा नेता और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर रही हैं।
2019 में सपा में शामिल हुईं पूजा पाल
साल 2019 में पूजा ने सपा ज्वाइन कर ली। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह के समय अतीक अहमद सपा से सांसद बना था, इसलिए वो उस समय सपा में नहीं गई थीं। जब अखिलेश यादव पार्टी के मुखिया बने, तो लगा कि अखिलेश अपराधियों से नफरत करते हैं, इसलिए सपा में शामिल हुईं। 2022 में कौशांबी की चायल सीट से सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी


