पालिटिकल बातें कीं तो मैं भी रायता फैला दूंगा…सपा पर भड़के ब्रजेश पाठक, अवधी भाषा में बोला हमला

Dinesh Rathour लखनऊ, विशेष संवाददाता
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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोमवार को विधानसभा में सपा सदस्यों को जमकर आड़े हाथों लिया। अव्वल तो उन्होंने अवधी भाषा में अपनी पूरी बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को उच्चस्तर की स्वास्थ्य से‌वाएं दी जा रही हैं।

पालिटिकल बातें कीं तो मैं भी रायता फैला दूंगा…सपा पर भड़के ब्रजेश पाठक, अवधी भाषा में बोला हमला

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोमवार को विधानसभा में सपा सदस्यों को जमकर आड़े हाथों लिया। अव्वल तो उन्होंने अवधी भाषा में अपनी पूरी बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को उच्चस्तर की स्वास्थ्य से‌वाएं दी जा रही हैं। सपा सदस्यों पर हमला बोलते हुए कड़े लहजे में कहा कि अगर सपा सदस्य पालिटिकल बातें करेंगे तो मैं भी फिर 2017 के पहले की बातों को लेकर रायता फैला दूंगा।

हुआ यूं कि प्रश्न प्रहर में सपा के सदस्यों ने प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल किए। इस पर समाजवादी पार्टी के सदस्य डा. आरके वर्मा ने आशा वर्करों की समस्याओं को उठाते हुए शेर-ओ-शायरी कर दी। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर का मानदेय नहीं बढ़ाया जा रहा। इस पर ब्रजेश पाठक ने कड़ा रुख अपना लिया। उन्होंने कहा कि सपा के सदस्य सीधे सीधे सवाल करें। अगर पालिटिकल बातें करेंगे तो वह पालिटीकल बातों का पूरा रायता फैला देंगे। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर हमारे विभाग की रीढ़ हैं। अवधी भाषा में बोले: इनकी सरकार चार दायें बनी रही तब कबहू न सोचिन..इनकी सरकार मा मानदेय 1000 रुपये रहा।

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मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रही सपा

सपा पर हमलावर हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, हमरी भाजपा सरकार बनते ही मानदेय दुई हजार(2000) किया गया। अब उधर बैठ गए हैं तो याद आए रही है। उन्होंने कहा की सीएचसी पर आशा वर्कर के रहन की पूरी व्यवस्था कै दीन गई है। इनकी परेशानी यू नहीं है कि जुगाड़ लगाने में लगे रहते हैं कि सत्ता में आए जाएं। कुछ नहीं होए वाला। वर्ष 2027 में चुनाव होई तौ जितने हौ उतने भी नहीं बच पइहो..। ये मुंगेरी लाल के हसीन सपना है। यह वर्ष 2017 से पहले की फिल्मी कहानी दोहरा रहे हैं। बोले-मैं आशा वर्कर के प्रतिनिधिमंडल से लगातर संपर्क में रहता हूं। अब आशा वर्करों को छुट्टी देने का भी इंतजाम कर दिया गया है।

केशव बोले-अखिलेश ने चुपके से लगवाई वैक्सीन

विधान परिषद में सपा द्वारा काम रोको प्रस्ताव के तहत प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बदहाल बताए जाने का नेता सदन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने जमकर प्रतिवाद किया। केशव ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान इसकी वैक्सीन से करोड़ों लोगों की जान बची थी, उस वैक्सीन का पहले तो इनके नेता अखिलेश यादव विरोध करते रहे लेकिन बाद में चुपके से वैक्सीन लगवा आए। ऐसा ही राहुल गांधी ने भी किया। केशव प्रसाद ने कहा कि अगर सपा सदस्य चाहें तो वे इसका फोटो तक उपलब्ध करा सकते हैं। इस पर सपा सदस्य मुकुल यादव ने कहा कि वह फोटो उन्हें भी दिखाया जाए क्योंकि वे स्वयं और उनके नेता ने वैक्सीन की डोज नहीं ली है।

गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए संवेदनशील भाजपा सरकार

केशव ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए संवेदनशील है। आयुष्मान भारत और राज्य की योजनाओं से बड़ी आबादी को मुफ्त या सस्ती इलाज सुविधा मिल रही है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सभी नागरिकों के लिए हैं, और बिना किसी भेदभाव हर व्यक्ति को उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। जिन जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेजों में विलय हुआ है, उनके अलावा पीएचसी, सीएचसी और अन्य जिला अस्पतालों में सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं। जहां एमआरआई या सीटी स्कैन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं, वहां निजी क्षेत्र की साझेदारी से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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