चौकियों में आने वाली शिकायतें नहीं झुठला सकेंगे पुलिसकर्मी, एसपी से लेकर सीओ तक रखेंगे नजर

Pawan Kumar Sharma हरिकेश सिंह, प्रतापगढ़
share

पुलिस चौकियों पर आने वाली शिकायतें अब पुलिसकर्मी न झुठला सकेंगे और न ही छिपा सकेंगे। आने वाली वाले हर शिकायत पर कार्रवाई की बाबत एसओ के साथ सीओ और एसपी भी हिसाब लेंगे। दो सप्ताह के लिए लागू पायलेट प्रोजेक्ट सफल हुआ तो इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।

चौकियों में आने वाली शिकायतें नहीं झुठला सकेंगे पुलिसकर्मी, एसपी से लेकर सीओ तक रखेंगे नजर

पुलिस चौकियों पर आने वाली शिकायतें अब पुलिसकर्मी न झुठला सकेंगे और न ही छिपा सकेंगे। यहां आने वाली वाले हर शिकायत पर कार्रवाई की बाबत एसओ के साथ सीओ और एसपी भी हिसाब लेंगे। दो सप्ताह के लिए लागू पायलेट प्रोजेक्ट सफल हुआ तो इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।

पुलिस चौकी पर आने वाली चोरी, छिनैती की सूचनाएं कई बार छिपाने के कारण बाद में किरकिरी भी हुई है। प्रतापगढ़ की पुलिस चौकियां रिपोर्टिंग न होने के कारण प्रार्थना पत्रों का अपनी मर्जी से हिसाब-किताब रखती हैं। ऐसे में पुलिस चौकियों पर पहुंचने वाले फरियादियों के शिकायती पत्र का ऑनलाइन हिसाब किताब रखने की व्यवस्था की गई है। नोएडा की निजी कंपनी की ओर से इसके लिए पोर्टल बनाया गया है। नगर और देहात कोतवाली के साथ ही सभी पुलिस चौकियों में रविवार को क्यूआर कोड (कम्पलेंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम) लगाया गया। पुलिस अफसरों के अनुसार, दो सप्ताह के लिए शुरू किए गए इस पाइलेट प्रोजेक्ट के परिणाम बेहतर आने की दशा में इसे पूरे जिले मे लागू किया जाएगा।

Voice of UP

आवेदक को नहीं लगाना होगा चक्कर

पुलिस चौकी में लगे क्यूआर कोड (कम्पलेंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम) के माध्यम से प्रार्थना पत्र देने वालों को कार्रवाई के लिए चक्कर नहीं लगाना होगा। सीओ सिटी (आईपीएस) प्रशांत राज हुड्डा ने बताया कि शिकायत सही मिलने पर आवेदक को दोबारा आने की जरूरत नहीं होगी। उसकी एफआईआर दर्ज कर उसके सूचना दी जाएगी। अभी यह व्यवस्था प्राइवेट स्तर पर है। अगर व्यवस्था लागू हुई तो इसका सर्वर पुलिस विभाग को हैंडओवर हो जाएगा।

एसपी दीपक भूकर के मुताबिक नगर और देहात कोतवाली थाने के साथ ही यहां की सभी पुलिस चौकियों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। कोड स्कैन करके की जाने वाली हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होगी। क्यूआर कोड लगने से कोई भी शिकायत छिपाई नहीं जा सकेगी। अभी यह ट्रायल पर यह व्यवस्था दो सप्ताह के लिए लागू की गई है।

स्कैन करते ही खुलेगा एप, पीड़ित भी रहेगा अपडेट

नगर और देहात कोतवाली थाने के साथ सभी पुलिस चौकियों पर लगा क्यूआर कोड स्कैनर से स्कैन करते ही एप खुल जाएगा। इसमें आवेदक को मोबाइल नंबर, आधारकार्ड के साथ ही प्रार्थना-पत्र भी अटैच करना होगा। इसके साथ ही आवेदक के पास मैसेज आ जाएगा। पुलिस चौकी से निर्धारित समय में कार्रवाई करनी होगी। इसकी जानकारी भी आवेदक को मिलेगी। साथ ही एसओ, सीओ और एसपी भी इसकी मॉनीटरिंग कर सकेंगे।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma

पवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।