शिक्षिका की मौत मामले में पुलिस का शिकंजा, ससुराली फंसे, एडीओ पति समेत कई पर मुकदमा
इटावा में शिक्षिका की मौत मामले में पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर एडीओ पति समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दी तहरीर के अनुसार इटावा के जसवंत नगर में एक शिक्षिका की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी।

यूपी के इटावा में शिक्षिका की मौत मामले में पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर एडीओ पति समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दी तहरीर के अनुसार इटावा के जसवंत नगर में एक शिक्षिका की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। ससुरालीजनों ने फिरोजाबाद स्थित मायके वालों को फोन पर उसके बीमार होने की खबर दी तथा ट्रॉमा सेंटर पहुंचने के लिए कहा था, जब तक विवाहिता के परिजन ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, तब तक ससुरालीजन फरार हो गए थे तथा यहां पर बेटी का शव मिला। मायके पक्ष ने ससुरालीजनों पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाते हुए जसवंत नगर में तहरीर दी है।
थाना मटसैना के वजीरपुर आनंदीपुर निवासी रामअवतार शर्मा ने अपनी बेटी सोनी शर्मा की शादी चार दिसंबर 2022 को जसवंत नगर इटावा के उतरई निवासी शिवकिशोर दीक्षित पुत्र वीरेंद्र दीक्षित के साथ की थी। स्कार्पियो कार के साथ करीब 50 लाख रुपये का दहेज दिया था, लेकिन सोनी के ससुरालीजन इससे संतुष्ट नहीं है। सोनी जसंवत नगर में ही एक प्राथमिक स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत थी, जबकि शिव किशोर एडीओ समाज कल्याण के पद कार्यरत हैं तथा मृतका के परिजनों के अनुसार शिवकिशोर पर अरांव एवं मदनपुर का चार्ज था। इसके बाद भी ससुरालीजन 20 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे तथा इसके लिए उसका उत्पीड़न करते। मायके पक्ष ने कई बार ससुरालीजनों को समझाने का प्रयास किया।
ससुरालीजनों ने शनिवार रात फोन पर सूचना दी सोनी की तबीयत ज्यादा खराब है। मायके वालो ने कहा कि वह यहां पर ले आएं तथा उपचार करा देंगे। परिजनों का आरोप है कि ससुरालीजन सोनी को लेकर आए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया तथा इसके बाद ससुरालीजन भाग गए। परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया है। वहीं सोनी के पिता ने एडीओ समाज कल्याण शिवकिशोर सहित अन्य ससुरालीजनों पर जसवंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
दसवीं की रस्म पर ही बेटी ने की थी शिकायत
परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से ही ससुरालीजनों ने अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। दसवीं की रस्म पर जब सोनी मायके आई तो ससुरालीजनों द्वारा 20 लाख की अतिरिक्त दहेज की मांग से अवगत कराया। ससुराल में शिव किशोर दीक्षित, सास प्रभा देवी, ससुर वीरेंद्र दीक्षित, जेठ हरीश दीक्षित, देवर श्रीप्रकाश दीक्षित, जेठानी ओमलता, ननद पूनमन, अनीता मिश्रा एवं ननदोई संकल्प मिश्रा भी अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर बेटी को परेशान करने लगे।
2024 में भी किया था हत्या का प्रयास
परिजनों का कहना है कि 22 जनवरी 2024 को साजिश के तहत ननद पूनम, अनीता मिश्रा एवं जेठानी ओमलता बेटी को हत्या करने के इरादे से छत से धक्का देकर नीचे गिरा दिया था। इससे बेटी को काफी चोट आई। तब मायके पक्ष ने फिरोजाबाद के प्राइवेट ट्र्रॉमा सेंटर में इलाज कराया। हालांकि बेटी का परिवार बचाने के लिए कभी शिकायत नहीं की।
ननद-ननदोई का रहता था हस्तक्षेप
मृतका के पिता का कहना है कि बेटी के सास, ससुर, देवर, जेठ, जेठानी, ननद, दामाद एवं बेटी सोनी संयुक्त परिवार में रहते थे। सभी का खाना एक जगह बनता था। ननद अनीता मिश्रा, ननद पूनम एवं ननदोई संकल्प मिश्र बेटी के ससुराल के हर कार्य में हस्तक्षेप रखते थे। देवर श्रीप्रकाश दीक्षित द्वारा आए दिन गाली-गलौज की जाती तथा अपने भाई की दूसरी शादी कराने की धमकी दी जाती।
ससुरालीजनों ने कहा था अब नहीं करेंगे उत्पीड़न
सोनी के उत्पीड़न की जानकारी मिलने पर रामअवतार शर्मा अपने दोनों बेटे शिवकुमार एवं सचिन के साथ ससुराल में ससुरालीजनों को समझाने गए। इस पर ससुरालीजनों ने कहा कि भविष्य में प्रताड़ित नहीं करेंगे, लेकिन इसके बाद भी ससुरालीजन अपनी आदतों से बाज नहीं आए तथा उत्पीड़न करते रहे।
घर पर चक्की पर पिसवाते थे आटा, कराते मलबा साफ
एक पढ़ी लिखी सरकारी स्कूल की शिक्षिका को ससुराल में काफी उत्पीड़न सहना पड़ा। परिजनों का कहना था कि सोनी बताती थी कि ससुराल में ससुरालीजन उससे हाथ की चक्की पर आटा पिसवाते हैं। वहीं हजारों रुपये वेतन पाने वाली शिक्षिका को मलबा भी साफ करना पड़ता था।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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