गोमांस की सप्लाई पर 5 महीने बाद पुलिस का ऐक्शन, मीट फैक्ट्री मालिक व पूर्व केंद्रीय मंत्री का भाई गिरफ्तार

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पांच महीने पहले पिकअप में पकड़े गए मांस के सैंपल में गोवंश की पुष्टि होने पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गोमांस की सप्लाई करने के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री के भाई को गिरफ्तार किया है। 

Aligarh News: यूपी के अलीगढ़ में पांच महीने पहले मांस से भरी पिकअप (लोडर वाहन) पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने ऐक्शन लिया है। शुक्रवार को मांस के सैंपल में गोवंश की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मीट फैक्ट्री के मालिक हाजी अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। अनवर पूर्व केंद्रीय मंत्री सरवर हुसैन के भाई हैं। उनके समर्थन में बुलंदशहर के तमाम लोग थाने पहुंचे, मगर पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। दोपहर में अनवर को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया। चालक ने पूछताछ में बताया कि उसकी सप्लाई खुर्जा की अल हम्द फ्रोजन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (मीट फैक्ट्री) से हुई थी। चालक पहले ही जेल जा चुका है।

15 जून की रात को चंडौस थाना क्षेत्र के गांव दौरऊ स्थित ओवरब्रिज से पुलिस ने 200 किलो मांस से भरी गाड़ी पकड़ी थी। प्लास्टिक की थैली में मांस भरा हुआ था। सूचना पर पहुंचे गोरक्षा दल के सदस्यों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने चालक बरेली के थाना भोजीपुरा क्षेत्र के गांव भूडा निवासी असफाक पुत्र अली अहमद व सहचालक बरेली के ही थाना सीवीगंज क्षेत्र के गांव तिलियापुर निवासी इस्लाम उर्फ भूरा पुत्र मुस्ताक को गिरफ्तार किया गया। साथ ही मांस को गड्ढा खुदवाकर दफना दिया था। उसका सैंपल लेकर पं. दीनदयाल पशु चिकित्सा विज्ञान व गो-अनुसंधान संस्थान मथुरा में जांच के लिए भेजा गया। सीओ गभाना महेश कुमार ने बताया कि पिछले माह सैंपल रिपोर्ट में पाया गया कि वह गोमांस था। इस पर चालक व हेल्पर से पूछताछ की तो पता चला कि मांस को खुर्जा की अल हम्द मीट फैक्ट्री से लेकर आए थे। शुक्रवार को चंडौस इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह की टीम ने खुर्जा से फैक्ट्री मालिक अनवर हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। यहां मेडिकल कराने के बाद दोपहर में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया।

निजी गाड़ी में आना चाह रहा था अनवर, पुलिस ने दिखाई सख्ती :

पुलिस कई दिन से अनवर को गिरफ्तार करने के प्रयास में थी। इसी बीच सुबह करीब साढ़े आठ बजे चंडौस पुलिस खुर्जा पहुंची। बुलंदशहर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद अनवर के मोहल्ले ख्वैशियान पठानवाड़ा से उसे पकड़ लिया गया। चर्चा है कि गिरफ्तारी के दौरान अनवर ने विरोध किया तो पुलिस ने सख्ती के साथ उसे गाड़ी में बिठा लिया। हालांकि इस दौरान अनवर ने अपनी निजी गाड़ी से साथ जाने की बात कही, मगर पुलिस ने फटकारते हुए अपनी गाड़ी में बिठाया और थाने ले आई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, जिसके बाद परिवार के लोगों व परिचितों को जानकारी हुई।

हेल्पर भी साथ में भेजा गया जेल

जिस समय गाड़ी पकड़ी गई थी, उस समय एसआई वीनेश कुमार ने पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ था। ऐसे में चालक व हेल्पर को गिरफ्तार करने के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया था। रिपोर्ट के बाद मुकदमे में गोवध अधिनियम की धारा बढ़ाई गई। करीब 15 दिन पहले चालक असफाक को पुलिस ने जेल भेजा। वहीं, हेल्पर इस्लाम को शुक्रवार को हाजी अनवर के साथ जेल भेजा गया है।

गौतमबुद्धनगर सांसद के प्रतिनिधि भी थाने पहुंचे

हाजी अनवर हुसैन खुर्जा में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में शामिल हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी की सूचना पर खलबली मच गई। गौतमबुद्धनगर के सांसद महेश शर्मा के प्रतिनिधि सत्यप्रकाश व अन्य लोग भी थाना चंडौस पहुंचे। उन्होंने तर्क रखा कि फैक्ट्री लीज पर दे रखी है। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि फैक्ट्री में अनवर समेत चार पार्टनर हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल के लिए सीएचसी भेजा तो वह फिर से निजी गाड़ी से जाने की बात करने लगे। लेकिन, पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सरकारी गाड़ी में बिठाकर सीएचसी ले गई।

अलीगढ़ में पुलिस की कार्रवाई

लंबे समय से हो रही अवैध कटान व गोमांस की सप्लाई

जनवरी में गाड़ी पकड़े जाने के दौरान गो रक्षा दल के सदस्यों ने गोमांस होने का आरोप लगाकर हंगामा किया था। तब चालक व हेल्पर ने पूछताछ में फैक्ट्री का नाम बता दिया था। लेकिन, पुलिस को सैंपल रिपोर्ट का इंतजार था। चालक व हेल्पर ने ये भी बताया था कि फैक्ट्री से लंबे समय से गोमांस का अवैध रूप से कटान हो रहा है। साथ ही इसी तरह गोमांस लाया जा रहा है। उसे अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जाता है। चालक व हेल्पर हर बार बदल दिए जाते हैं।

अल्लाना मीट फैक्ट्री से भी था कांट्रैक्ट

अल हम्द फ्रोजन मीट फैक्ट्री का अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र स्थित अल्लाना मीट फैक्ट्री से भी कांट्रैक्ट था। इसके तहत अल्लाना फैक्ट्री का मीट भी फ्रोजन होने के लिए खुर्जा की फैक्ट्री में जाता था। दरअसल, फ्रोजन मीट ऐसा मांस होता है, जिसे -18° सेल्सियस या उससे कम तापमान पर जमा दिया गया हो, ताकि वो लंबे समय तक खराब न हो।

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे थे सरवर हुसैन

अनवर हुसैन की फैक्ट्री करीब 30 साल पुरानी है। यहां से विदेशों से मीट एक्सपोर्ट होता है। उनके बड़े भाई सरवर हुसैन साल 1989 के लोकसभा चुनावों में जनता दल के टिकट पर बुलंदशहर जिले से सांसद चुने गए थे। साल 1990 से 1991 के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे। इन्होंने खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्रालय संभाला था। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रनेता भी रहे। वह साल 1987 में एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे।

एसपी सिटी आदित्य बंसल का कहना है कि चंडौस क्षेत्र में जनवरी में मांस से लदी एक गाड़ी पकड़ी गई थी। उसकी सैंपलिंग रिपोर्ट में पाया गया कि वह गोमांस था। चालक व हेल्पर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अब फैक्ट्री मालिक अनवर हुसैन को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। अन्य जो लोग इसमें संलिप्त हैं, उन सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।

Dinesh Rathour

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दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
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हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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