शिक्षक सुसाइड केस में सस्पेंड हुई इस महिला BSA और क्लर्क की तलाश तेज, 4 जिलों में ढूंढ रही पुलिस
निलंबित बीएसए और क्लर्क की तलाश में पुलिस की टीमें बलिया, लखनऊ, प्रयागराज और देवरिया में चिन्हित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मुख्य आरोपित क्लर्क संजीव सिंह मूल रूप से बलिया के बरवा रत्तीपट्टी का रहने वाला है। जबकि बीएसए शालिनी श्रीवास्तव बलिया के आनंदनगर की निवासी बताई जा रही हैं।

UP News: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में आरोपित और निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित कर चार जिलों में छापेमारी की जा रही है। वहीं पुलिस ने आरोपितों के साथ ही पीड़ितों के खातों का डिटेल बैंक से मांगी गई है। इससे लेन-देन का सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
आरोपित बीएसए और लिपिक की तलाश में पुलिस की टीमें बलिया, लखनऊ, प्रयागराज और देवरिया में चिन्हित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मुख्य आरोपित लिपिक संजीव सिंह मूल रूप से बलिया के बरवा रत्तीपट्टी का रहने वाला है, जबकि शालिनी श्रीवास्तव बलिया के आनंदनगर की निवासी बताई जा रही हैं। पुलिस उनके संभावित ठिकानों और करीबी संपर्कों की भी जांच कर रही है।
इस बीच, प्रकरण में अब तक गिरफ्तार किए गए पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह समेत छह लोगों के बैंक खातों का स्टेटमेंट मांगा गया है। विवेचना कर रहे सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने लीड बैंक प्रबंधक को पत्र भेजकर विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। जिन खातों की जांच हो रही है, उनमें बीएसए, फरार लिपिक, शुक्रवार को जेल भेजे गए अनिरुद्ध सिंह, शिक्षक अपर्णा तिवारी, ओंकार सिंह और मृतक कृष्ण मोहन सिंह के खाते शामिल हैं।
खातों में रकम भेजने वालों से भी होगी पूछताछ
जांच टीम विशेष रूप से खातों में हुए जमा-निकासी और ट्रांसफर की समय को खंगाल रही है। सुसाइड नोट में कथित लेन-देन का जिक्र होने के कारण वित्तीय ट्रांजैक्शन को अहम साक्ष्य माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बैंक खातों का विवरण मिलने के बाद संबंधित खातों में रकम भेजने वालों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा सके।
क्या बोली पुलिस
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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