PNB करेंसी चेस्ट 17 करोड़ जाली नोट केस: अब बैंकों ने बदला कैश का इंतजाम
बैंक शाखाएं करेंसी चेस्ट से सीधे रकम मिलने की बजाए अब जरूरत पड़ने पर आसपास की दूसरी शाखाओं से नकदी मंगाकर काम चला रही हैं। उधर, इस जाली करेंसी के मामले की जांच के बीच अब 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्कों के खेल ने सहारनपुर को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पीएनबी के करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड के जाली नोट मिलने के बाद से बैंकों ने अपने कैश का इंतजाम बदल दिया है। घंटाघर और गंगोह स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट पर जांच-पड़ताल जारी रहने के बीच बैंक शाखाएं करेंसी चेस्ट से सीधे रकम मिलने की बजाए अब जरूरत पड़ने पर आसपास की दूसरी शाखाओं से नकदी मंगाकर काम चला रही हैं। इससे कैश की उपलब्धता बनाए रखने के लिए शाखाओं के बीच समन्वय बढ़ा है।
सहारनपुर के घंटाघर के सोफिया मार्किट स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट और गंगोह करेंसी चेस्ट पर एनआईए की सक्रियता के बाद नकदी के आवागमन और वितरण को लेकर बैंकिंग क्षेत्र में सतर्कता भी बढ़ी है। करेंसी चेस्ट से जुड़े लेनदेन पर निगरानी के बीच शाखाएं अपनी दैनिक जरूरत का आकलन कर वैकल्पिक इंतजाम कर रही हैं। बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक, शाखाओं में रोज बड़ी संख्या में नकदी जमा और निकासी होती है। ग्राहकों को भुगतान में परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त कैश रखना जरूरी है। ऐसे में किसी शाखा में नकदी की मांग बढ़ने पर नजदीकी दूसरी शाखा से रकम मंगाई जा रही है।
जाली नोटों के बाद नकली सिक्कों से हड़कंप
17.29 करोड़ रुपये की जाली करेंसी के मामले की जांच के बीच अब 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्कों के खेल ने सहारनपुर को फिर सुर्खियों में ला दिया है। रविवार (13 सितंबर 2026) को तीतरों क्षेत्र में चल रही नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा कर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह अब तक 70 करोड़ रुपये से अधिक के 20 रुपये के नकली सिक्के बाजार में खपा चुका है। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि कोतवाली नगर, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार कौशिक के नेतृत्व में कार्रवाई की। मुख्य आरोपी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी मोहाली, पंजाब के साथ हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को पकड़ा गया। मौके से 6400 बने नकली सिक्के और करीब पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के बरामद हुए। इनके अलावा छह मशीनें, 59 डाई, आठ मोबाइल, दो कार और सात हिसाब रजिस्टर मिले। पुलिस के अनुसार लूथरा वर्ष 2001 से इस धंधे में सक्रिय है।
पहले सुनार का काम करने वाले लूथरा को 2017 में दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये के इनाम के साथ गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा था। जेल में सहारनपुर के एक व्यक्ति समेत अन्य आरोपियों से उसका संपर्क बढ़ा। गिरोह रोज 10 से 12 हजार सिक्के तैयार करता था।
नकली टकसाल के वांटेड आरोपियों की तलाश में बिहार तक दबिश
इस गिरोह ने बाजार में चलाने के लिए आठ ग्राम वजन के 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार किए थे। पुलिस के अनुसार असली सिक्के का वजन करीब 10 से 12 ग्राम के बीच होता है। नकली सिक्के बनाने की सामग्री के साथ बरामद रजिस्टर और दस्तावेज अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। उधर, वांछितों की तलाश में पुलिस बिहार तक दबिश दे रही है।
नगर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने इस गिरोह का राजफाश किया था। पुलिस की कार्रवाई उस समय सामने आई, जब आरोपितों की कार से पशु टकरा गया और जाम के दौरान पुलिस कार हटवाने पहुंची। तलाशी में नकली सिक्कों से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पूछताछ में गिरोह के संगठित तरीके से काम करने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब बरामद रजिस्टर में दर्ज नाम, मोबाइल नंबर, रकम और लेनदेन का सत्यापन कर रही है। गिरोह के तीन सदस्य फरार हैं।


