PNB करेंसी चेस्ट 17 करोड़ जाली नोट मामले में केस डायरी पर नया अपडेट, 2 बैंक अफसरों की तलाश तेज
सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट 17 करोड़ जाली नोट मामले में नया अपडेट है।इस मामले की पहले जांच कर रही एसआईटी ने अपनी केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। उधर, एनआईए ने मामले में अब तक फरार 2 बैंक अफसरों की तलाश तेज कर दी है। कहा जा रहा है कि जांच अब निर्णायक दौर में है।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की पंजाब नेशनल बैंक करेंसी चेस्ट से बरामद 17 करोड़ 29 लाख के नकली नोटों के मामले में जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। एसआईटी ने अब तक की पूरी जांच से संबंधित केस डायरी और महत्वपूर्ण दस्तावेज राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिए हैं। नकली नोटों की इतनी बड़ी खेप करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची, इसमें बैंक स्तर पर किसकी भूमिका रही और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं, इन सवालों के जवाब तलाशने की जिम्मेदारी अब एनआईए ने संभाल ली है। वहीं, मामले में नामजद मंडल प्रबंधक पीएनबी रवि कांसे और सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक सुशील कुमार अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां संभावित ठिकानों के साथ उनकी लोकेशन को भी खंगाल रही हैं। बुधवार को एनआईए के एसपी ने एसएसपी अभिनंदन और एसपी सिटी व्योम बिंदल से बातचीत की, जिसके बाद जांच से जुड़े दस्तावेज एनआईए को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई।
केस डायरी मिलने के बाद एनआईए ने तेज की जांच
पुलिस स्तर पर अब तक की जांच, आरोपियों से जुड़े तथ्य, बरामदगी और पूछताछ से संबंधित जानकारी केस डायरी में शामिल है। पुलिस ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह केस डायरी एनआईए को सौंप दी है। अब एनआईए इन्हीं तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। एजेंसी नकली नोटों की बरामदगी को महज बैंकिंग स्तर की अनियमितता मानकर नहीं चल रही, बल्कि इतनी बड़ी रकम के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि नकली नोटों की खेप करेंसी चेस्ट तक किस माध्यम से पहुंची और बैंकिंग प्रक्रिया के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट पकड़ में क्यों नहीं आए।
फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लोकेशन ट्रेसिंग
मामले में नामजद मंडल प्रबंधक रवि कांसे और करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दोनों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियां उनकी लोकेशन के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान दोनों किन लोगों के संपर्क में हैं और क्या उन्हें किसी स्तर पर मदद मिल रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नकली नोटों की खेप से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश होगी कि नकली नोटों की करेंसी चेस्ट तक पहुंचने की पूरी कड़ी में कौन-कौन लोग शामिल थे।
कर्मचारियों से तीन बार पूछताछ, बैंकिंग प्रक्रिया पर सवाल
एनआईए की टीम करेंसी चेस्ट के साथ उससे लगी बैंक शाखा में काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है। टीम अब तक कर्मचारियों से तीन दौर में पूछताछ कर चुकी है। पूछताछ में नकली नोटों के करेंसी चेस्ट तक पहुंचने, नोटों की जांच, कैश के रखरखाव और बैंक स्तर पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई है।
निलंबित प्रबंधक के निजी सहायक की संपत्ति की पड़ताल
जांच एजेंसी की नजर मामले से जुड़े लोगों की आर्थिक गतिविधियों पर भी है। निलंबित प्रबंधक के निजी सहायक आदेश की चल-अचल संपत्ति की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित लोगों की आय और संपत्ति में हाल के वर्षों में कोई असामान्य बढ़ोतरी तो नहीं हुई। संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि किसी तरह का आर्थिक लाभ हुआ या नहीं। जांच एजेंसी बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय कड़ियों को भी जोड़ रही है।


