मलइयो का स्वाद, विश्वनाथ जी का दर्शन, बोटिंग..., पीएम मोदी बोले- बनारस में इनका आनंद जरूर लें
पीएम मोदी ने नेशनल वॉलीबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारे यहां एक कहावत है… बनारस के जाने चाहत हउआ तो बनारस आवे के पड़ी यानी बनारस को जानना है तो बनारस आना पड़ेगा। आप लोग बनारस आ गए हैं तो अब बनारस को जान भी जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी के सांसद के रूप में देश भर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए 72वीं नेशनल सीनियर वॉलीबाल चैंपियनशिप का वर्चुअल शुभारंभ किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने न केवल खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि काशी की मेहमाननवाजी, खेल संस्कृति और आधुनिक होते भारत के स्पोर्ट्स विजन को विस्तार से साझा किया। प्रधानमंत्री ने देश भर से आए वॉलीबाल खिलाड़ियों, कोच और टीम के अन्य सदस्यों से कहा कि बनारस में आए हैं तो क्या-क्या जरूर खाएं, कहां जरूर जाएं और किन चीजों का आनंद जरूर लें। कहा कि बनारस में इस समय अच्छी ठंड पड़ती है। इस मौसम में एक से बढ़कर एक खाने की चीजें भी मिलती हैं। समय मिले तो मलइयो का भी आनंद उठाइएगा। बाबा विश्वनाथ का दर्शन, गंगा जी में बोटिंग का अनुभव भी अपने साथ जरूर लेकर जाइएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां बनारसी में कहा जाता है बनारस के जाने चाहत हउआ तो बनारस आवे के पड़ी यानी बनारस को जानना है तो बनारस आना पड़ेगा। आप लोग बनारस आ गए हैं तो अब बनारस को जान भी जाएंगे। हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है। यहां के अखाड़े, कुश्ती, मुक्केबाजी, नौकादौड़, कबड्डी ऐसे कई खेल यहां बहुत मशहूर है। बनारस ने कई खेलों के नेशनल खिलाड़ी भी दिए हैं बल्कि बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, यूपी कॉलेज, काशी विद्यापीठ जैसे शिक्षा संस्थानों के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहे हैं। काशी तो हजारों वर्षों से उन सबका सत्कार करती आई है जो ज्ञान और कला की साधना के लिए यहां जाते हैं।
बनारस का जोश हाई रहेगा
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश हाई रहेगा। आप सभी खिलाड़ियों को उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक भी मिलेंगे और काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा। कहा कि वॉलीबॉल एक साधारण स्पोर्ट्स नहीं है। नेट के इस पार और उस पार दोनों तरफ यह संतुलन का खेल है। यह सहयोग का खेल है और इस खेल में संकल्प शक्ति भी दिखती है। यानी बॉल को हर कीमत पर ऊपर ही उठाना है। वॉलीबॉल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ती है। वॉलीबॉल के हर खिलाड़ी का मंत्र होता है टीम फर्स्ट। हर कोई भले ही अलग-अलग स्किल्स का हो लेकिन सभी प्लेयर्स अपनी टीम की जीत के लिए खेलते हैं।
काशी में आधुनिक खेल सुविधाएं बन रहींं
पीएम मोदी ने कहा कि स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जो बदलाव आया है, उसका लाभ काशी को भी मिल रहा है। काशी में आधुनिक खेल सुविधाएं बन रही हैं। अलग-अलग खेलों से जुड़े स्टेडियम बन रहे हैं। नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आसपास के जिलों के खिलाड़ियों को भी ट्रेनिंग का मौका मिल रहा है। आप आज जिस स्टेडियम में खड़े हैं। यह भी अनेक आधुनिक सुविधाओं से लैस हो गया है। मुझे खुशी है कि काशी बड़े इवेंट्स के लिए तैयार हो रही है। वॉलीबॉल के नेशनल कंपटीशन के लिए देश के स्पोर्टिंग मैप में जगह बनाना भी काशी के लिए बहुत अहम है।
काशी में कई बड़े आयोजन
कहा कि स्पोर्ट्स इवेंट से पहले भी काशी में ऐसे कई आयोजन हुए हैं। जिससे यहां के लोगों को यहां की लोकल इकॉनमी को परफॉर्म करने के बड़े अवसर मिले हैं। जैसे बनारस में जी 20 की महत्वपूर्ण मीटिंग्स हुई। काशी तमिल संगम और काशी तेलुगु संगम जैसे सांस्कृतिक उत्सव हुए हैं। प्रवासी भारतीय लोगों का सम्मेलन हुआ है। काशी संघाई सहयोग संगठन की सामूहिक राजधानी भी बनी है। सांस्कृतिक राजधानी के रूप में आज इन उपलब्धियों में यह चैंपियनशिप भी एक रत्न के रूप में जुड़ रही है। इस सारे आयोजनों से काशी बड़े मंचों पर ऐसे इवेंट्स के बड़े डेस्टिनेशन के रूप में उभर रही है।
भारत की डेवलपमेंट स्टोरी और बॉलीबाल में बहुत कुछ कॉमन
पीएम मोदी ने कहा कि मैं तो भारत की डेवलपमेंट स्टोरी और वॉलीबॉल में बहुत सी बातें कॉमन देखता हूं। वॉलीबॉल हमें सिखाती है कि कोई भी जीत अकेले नहीं होती। हमारी जीत, हमारे कोऑर्डिनेशन, हमारे विश्वास और हमारी टीम की तत्परता पर निर्भर होती है। हर किसी की अपनी भूमिका है, अपनी जिम्मेदारी है। हम तभी सफल होते हैं जब हर कोई अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता है। गंभीरता से निभाता है। हमारा देश भी इसी तरह आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता से डिजिटल पेमेंट तक और एक पेड़ मां के नाम से लेकर विकसित भारत के अभियान तक, हम इसलिए प्रगति कर रहे हैं क्योंकि देश का हर एक जन हर एक वर्ग हर प्रांत एक सामूहिक चेतना से इंडिया फर्स्ट की भावना से देश के लिए काम कर रहा है।
देश रिफार्म एक्सप्रेस पर सवार
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है। देश का हर सेक्टर हर डेवलपमेंट डेस्टिनेशन इस रिफॉर्म एक्सप्रेस से जुड़ रहा है। स्पोर्ट्स का डेस्टिनेशन भी इसमें से एक है। स्पोर्ट्स सेक्टर में भी सरकार ने बड़े रिफॉर्म्स किए हैं। नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट और खेलो भारत नीति 2025 इस प्रकार के प्रावधानों से सही टैलेंट को अवसर मिलेगा। खेल संगठनों में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। देश के युवाओं को स्पोर्ट्स और एजुकेशन दोनों ही क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी
पीएम मोदी ने कहा कि एक तरफ हम अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और फंडिंग मैकेनिज्म तैयार कर रहे हैं और इसके साथ ही नौजवानों को शानदार एक्सपोज़र देने के लिए भी काम कर रहे हैं। बीते दशक में कई शहरों में फीफा अंडर 17 विश्व कप, हॉकी विश्व कप, चेस से जुड़े बड़े इवेंट्स जैसे 20 से अधिक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए हैं। 2030 के कॉमनव्थ गेम्स भी भारत में ही होने जा रहे हैं। भारत पूरी मजबूती से 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी तैयारी कर रहा है। इसके पीछे प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा खेलने के मौके मिले।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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