किसान सम्मान निधि पाना है तो अब यह करना जरूरी, अगली किस्त के लिए जारी हुआ निर्देश
पीएम किसान सम्मान निधि और एमएसपी पर फसल बिक्री के लिए अब 'फार्मर रजिस्ट्री' अनिवार्य होगी। किसानों को खाद, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अपनी फार्मर आईडी बनवानी होगी।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अब सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अपनी 'फार्मर रजिस्ट्री' (Farmer Registry) कराना अनिवार्य हो गया है। रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किश्त अब केवल उन्हीं कृषकों को प्रदान की जाएगी, जिनके पास आधिकारिक किसान पहचान पत्र (Farmer ID) उपलब्ध होगा।
सभी कृषि योजनाओं का बनेगा आधार
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग के साथ-साथ अन्य सहयोगी विभागों जैसे उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई की तमाम लाभार्थी परक योजनाओं का लाभ केवल फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही देने का निर्णय लिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि लाभ सीधे वास्तविक किसान तक पहुंचे।
प्रथम चरण में कृषि विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सभी मूलभूत सुविधाओं जैसे उर्वरक (खाद), उन्नत बीज, कीटनाशी रसायन और अन्य कृषि इनपुट के वितरण के लिए इस आईडी को अनिवार्य बनाया जाएगा। इसके अलावा, लाभार्थियों के चयन की पूरी प्रक्रिया अब इसी डेटाबेस पर टिकी होगी।
MSP पर फसल बेचने के लिए आईडी अनिवार्य
किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि भविष्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपने कृषि उत्पादों (गेहूं, धान, दालें, सरसों आदि) को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रहेगी। बिना इस विशिष्ट पहचान पत्र के, किसान अपनी उपज सरकारी दर पर नहीं बेच सकेंगे। जिलाधिकारी ने सभी कृषकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि अंतिम समय में उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजीकरण की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
किसानों की सुविधा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को काफी सरल और सुलभ बनाया गया है। किसान अपने निकटतम पंचायत भवन पर आयोजित होने वाले विशेष कैंपों में जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नजदीकी जन सुविधा केंद्र (CSC) पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।
इस कार्य को गति देने के लिए समस्त लेखपाल, कृषि प्राविधिक सहायक, पंचायत सचिव और पंचायत सहायकों को 'फार्मर सहायक' के रूप में नामित किया गया है। ये कर्मी गांवों में जाकर किसानों की रजिस्ट्री करने में मदद करेंगे।
जरूरी दस्तावेज: फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को अपने साथ आधार कार्ड, भूमि की नवीनतम खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर ले जाना अनिवार्य है। मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी (OTP) के माध्यम से ही पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण होगी।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


