लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 1 करोड़ की फिरौती मांगने का था प्लान, ज्वेलर के बेटे की हत्या में खुलासा
वैभव के अपहरण के बाद आरोपी ने दोपहर 3:26 बजे उसके परिवार के मोबाइल पर कम्बोडिया कंट्री कोड वाले डिजिटल नम्बर से सिर्फ हाय लिखकर एक संदेश भेजा था। यह फिरौती की बातचीत शुरू करने की शुरुआती कोशिश थी।उस समय परिवार बच्चे की तलाश में जुटा था, इसलिए उस संदेश पर किसी का ध्यान नहीं गया।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक ज्वेलर के 10 साल के मासूम बेटे वैभव वर्मा के अपहरण और मर्डर की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सर्वेश शर्मा उर्फ बिट्टू ने सराफा कारोबारी के परिवार से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर एक करोड़ रुपये से अधिक की फिरौती वसूलने की साजिश रच रखी थी। इसके लिए उसने कम्बोडिया कंट्री कोड वाला डिजिटली विदेशी नंबर और दूसरे व्यक्ति के नाम पर संचालित म्यूल बैंक खाते का भी इंतजाम कर लिया था, ताकि पुलिस आसानी से उसकी पहचान तक न पहुंच सके।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कंप्यूटर सेंटर चलाने वाला सर्वेश तकनीकी रूप से काफी दक्ष था। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी योजना लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर परिवार को डरा कर रकम वसूलने की योजना थी। जांच में यह भी सामने आया कि अपहरण के बाद आरोपी ने दोपहर 3:26 बजे वैभव के परिवार के मोबाइल पर कम्बोडिया कंट्री कोड वाले डिजिटल नम्बर से सिर्फ "हाय" लिखकर एक संदेश भेजा था। पुलिस का मानना है कि यह फिरौती की बातचीत शुरू करने की शुरुआती कोशिश थी, लेकिन उस समय परिवार बच्चे की तलाश में जुटा था, इसलिए उस संदेश पर किसी का ध्यान नहीं गया।
पूछताछ में पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी कई दिनों से वैभव को अपने विश्वास में ले रहा था। वह कभी बड़ा गिफ्ट देने का लालच देता तो कभी ऑनलाइन गेम खेलने की बात कर उससे दोस्ती बढ़ा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह अपहरण की पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा था। एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच में मिले सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आरोपपत्र का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि मुकदमे को मजबूत आधार मिल सके।
ऑनलाइन गेम में गंवा चुका था लाखों, बैंक का भी था कर्ज
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सर्वेश ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और उसमें बड़ी रकम हार चुका था। उसके ऊपर बैंक का भी भारी कर्ज था। बैंक से वसूली के लिए नोटिस आता था जिससे परिवार के लोग भी परेशान थे। आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव से निकलने के लिए उसने अपहरण कर फिरौती वसूलने की साजिश रची थी।
199 रुपये में कंबोडिया का वर्चुअल नम्बर खरीदा था
सर्वेश ने इंटरनेट के जरिए 199 रुपये में कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा था। इसी नंबर से व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर उसने सराफा कारोबारी को संदेश भेजा था। शुरुआती व्हाट्सएप संदेश में फिरौती का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। कारोबारी उस संदेश का आशय समझ नहीं सके, जिससे आरोपी की योजना तत्काल सफल नहीं हो सकी।
एआई से फिरौती मांगने का तरीका भी सीख था सर्वेश
एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला गया तो उसमें एआई से किए गए कई सवाल और उनके जवाब भी मिले। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की कार्यप्रणाली, फिरौती वसूलने के तरीके, गैंग की गतिविधियां और साइनाइड जहर से संबंधित जानकारी हासिल की गई थी।


