थाने के मालखाने से पिस्टल, कारतूस चोरी, यूपी में हेड कांस्टेबल ही हथियार तस्कर निकला; भाई गिरफ्तार
यूपी पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। उसके पास से बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि शामली जिले में तैनात यूपी पुलिस का हेड कांस्टेबल मालखाने से हथियारों की चोरी करके अपने चचेरे भाई को बेचने के लिए देता था।

Meerut News: शामली जिले के कांधला थाने में तैनात यूपी पुलिस का हेड कांस्टेबल अमित हथियार तस्कर निकला। वह कांधला थाने के मालखाने का हेड मोहर्रिर था। तैनाती के दौरान ही उसने मालखाने से एक-एक करके हथियारों को चोरी करना शुरू कर दिया। आरोपी ने मालखाने से चुराए गए लाइसेंसी पिस्टल, रिवाल्वर और तमंचे चोरी कर अपने तहेरे भाई को बेचने के लिए दिए थे। मवाना पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल के भाई को गिरफ्तार कर लिया है और हथियार बरामद किए हैं। हेड कांस्टेबल और उसके साथी को वांटेड घोषित किया गया है। दूसरी ओर, कांधला थाने में इंस्पेक्टर की ओर से हेड मोहर्रिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी की तलाश में दो जिलों की पुलिस और स्वाट टीम को लगाया गया है।
मवाना पुलिस ने गुरुवार शाम को मखदूमपुर अड्डे के पास संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया था। तलाशी में आरोपी के पास से एक .32 बोर की पिस्टल, 38 बोर की मेड इन इंग्लैंड वेब्ली स्कॉट रिवाल्वर, तीन तमंचे और कारतूस बरामद किए गए। आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसका नाम केशू यादव पुत्र स्वर्गीय नरेंद्र यादव निवासी मटौरा मवाना है। उसका चचेरा भाई अमित कुमार यादव यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है और वर्तमान में शामली के कांधला थाने में तैनात है। अमित थाने के मालखाना प्रभारी था और उसी ने सारे हथियार और कारतूस मालखाने से चोरी किए थे। अमित ने ये हथियार लाकर केशू और तुषार पुत्र गजेंद्र को बेचने के लिए दिए थे। इससे पहले भी अमित इसी तरह से हथियार चोरी करके केशू और तुषार को दिए थे।
शामली पुलिस ने भी किया मुकदमा
मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय ने घटना की जानकारी एडीजी मेरठ भानु भास्कर को दी। एडीजी ने शामली पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद छानबीन शुरू कराई गई। शामली के कांधला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने आरोपी हेड कांस्टेबल अमित कुमार यादव के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कराया है। छानबीन में खुलासा हुआ कि मवाना पुलिस ने जिस पिस्टल को बरामद किया, उसका लाइसेंस शामली के कांधला स्थित मोहल्ला गुजरान निवासी शाविर जंग पुत्र रफीक जंग के नाम पर है। शाविर से बात की तो खुलासा हुआ कि डीएम शामली ने 19 अगस्त 2020 को शाविर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया था। इसके बाद 22 अगस्त 2020 को इसी पिस्टल को दरोगा अरविंद कुमार ने मालखाने में तत्काल हेड कांस्टेबल मालखाना अरविंद कुमार की सुपुर्दगी में जमा कराया था। इसके बाद से इस पिस्टल के रिलीज संबंधित कोई आदेश आज तक नहीं आया है। थाने के मालखाना रिकार्ड में भी पिस्टल फिलहाल थाने में ही जमा दिखाई गई है, जबकि यह पिस्टल मवाना पुलिस ने केशू यादव से बरामद की है।
इंग्लैंड मेड रिवाल्वर का नहीं मिला रिकार्ड
मवाना पुलिस ने केशू से जो 38 बोर की मेड इन इंग्लैंड वेब्ली स्कॉट रिवाल्वर बरामद की है, उसका मिलान कांधला थाने के मालखाने से नहीं हो सका है। पुलिस मानकर चल रही है कि हेड कांस्टेबल ने मालखाने से ये हथियार और कारतूस चोरी कर अपने तहेरे भाई केशू को बेचने के लिए दिए। इसी को लेकर फिलहाल छानबीन की जा रही है। फिलहाल आरोपी को शामली एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं, आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच का भी आदेश दिया है। दूसरी ओर, मेरठ स्वाट टीम और शामली पुलिस भी आरोपी हेड कांस्टेबल अमित यादव के पीछे लगी है।
ऐसे हथियार को चोरी करता, जो लंबे समय से मालखाने में पड़े थे
आरोपी हेड कांस्टेबल अमित मालखाने से ऐसे हथियार चोरी करता था, जो लंबे समय से ऐसे ही पड़े थे और कोई रिलीज कराने नहीं आया था। अपराधियों से बरामद तमंचे और कारतूस जिन्हें मुकदमा खत्म होने के बाद नष्ट करने का आदेश मिलता था, उन्हें भी आरोपी अपने पास रख लेता था। केशू और तुषार इन हथियार को बेचने के बाद आधी रकम अमित यादव को देते थे।
मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि मवाना पुलिस ने केशू यादव नाम के आरोपी को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। खुलासा हुआ कि केशू का भाई अमित यादव यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है और कांधला थाने में तैनाती थी। आरोपी हेड कांस्टेबल ने ही मालखाने से हथियार और कारतूस चोरी कर केशू को बेचने के लिए दिए थे। अमित और उसके साथी तुषार की पुलिस को तलाश है।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


