Young Yash test of Pilibhit parliamentary seat - पीलीभीत संसदीय सीट पर युवा जोश का इम्तिहान DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पीलीभीत संसदीय सीट पर युवा जोश का इम्तिहान

पीलीभीत संसदीय सीट पर युवा जोश का इम्तिहान

1 / 3लोकसभा चुनाव में पीलीभीत संसदीय सीट पर अब तक जो भी नाम सामने आए हैं। उसके मुताबिक इस बार चुनावी संघर्ष युवा जोश के बीच ही होगा। भाजपा से वरूण गांधी और महागठबंधन से हेमराज वर्मा के अलावा जनता दल...

पीलीभीत संसदीय सीट पर युवा जोश का इम्तिहान

2 / 3लोकसभा चुनाव में पीलीभीत संसदीय सीट पर अब तक जो भी नाम सामने आए हैं। उसके मुताबिक इस बार चुनावी संघर्ष युवा जोश के बीच ही होगा। भाजपा से वरूण गांधी और महागठबंधन से हेमराज वर्मा के अलावा जनता दल...

पीलीभीत संसदीय सीट पर युवा जोश का इम्तिहान

3 / 3लोकसभा चुनाव में पीलीभीत संसदीय सीट पर अब तक जो भी नाम सामने आए हैं। उसके मुताबिक इस बार चुनावी संघर्ष युवा जोश के बीच ही होगा। भाजपा से वरूण गांधी और महागठबंधन से हेमराज वर्मा के अलावा जनता दल...

PreviousNext

लोकसभा चुनाव में पीलीभीत संसदीय सीट पर अब तक जो भी नाम सामने आए हैं। उसके मुताबिक इस बार चुनावी संघर्ष युवा जोश के बीच ही होगा। भाजपा से वरूण गांधी और महागठबंधन से हेमराज वर्मा के अलावा जनता दल यूनाइटेड से डा. भरत पटेल का नाम सामने आया है।

यह तीनों ही युवा है और उनके तेवर भी जुझारू व संघर्षशील है। तीनों युवाओं में कुछ कर गुजरने का जज्बा है और संघर्ष करने का माददा। इन युवाओं के जोश और संघर्ष की वजह से इस सीट पर चुनावी संघर्ष दिलचस्प और रोमांचक होना तय है।

भाजपा ने वरूण गांधी को प्रत्याशी बनाया है। वरूण गांधी अभी 39 साल के हैं। वर्ष 1980 में उनका जन्म हुआ है। वरूण में गांधी परिवार का क्रेज और जबरदस्त जोश है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान इसकी एक बानगी देखने को मिली थी। उन्होंने अपनी कट्टर हिंदुत्व की छवि बनाई और अपने भाषणों से पूरे देश की मीडिया जगत को हिलाकर रख दिया। अब भी वह अपने भाषणों में अपने इरादे साफ करने से नहीं चूकते हैं और खुलकर वक्तवय देते हैं। उनके साथ पूरी युवा ब्रिगेड है। कुछ लोग दिल्ली और हरियाणा से आए हैं तो कुछ लोग यहीं से हैं।

इसके बाद महागठबंधन में पूर्व मंत्री और पार्टी के ही युवा जुझारू नेता हेमराज वर्मा को दांव लगाया है। हेमराज वर्मा की पैदाइश वर्ष 1976 में हुई है। वह अभी सिर्फ 45 साल के हैं। सन 2000 में वह पहली बार ग्राम प्रधान बने थे। विधानसभा के 2012 में हुए चुनाव के दौरान वह विधायक बने और वर्ष 2015 में मंत्री पद भी उनकी ताजपोशी हो गई। हेमराज वर्मा की क्षेत्र में जबरदस्त पैठ है और उनके साथ भी युवा टीम है। वरूण गांधी के प्रतिद्वंद्वी होने के बाद भी वह वरूण के कद से बिल्कुल भयभीत नहीं है। कहते हैं कि चुनाव कांटे का होगा और जीतूंगा भी। उनका टिकट होने के बाद सपाईयों में पूरा जोश खरोश देखा जा रहा है।

जनता दल युनाइटेड के डा. भरत पटेल भी युवा और जुझारू नेता है। वह सालों बसपा में रहे और कई पदों पर रहकर काम किया। संघर्ष करने का जज्बा है और किन्हीं भी परिस्थितियों में वह सामना करने में सक्षम हैं। उनकी छवि एक तेजतर्रार नेता की है और टिकट होते ही उन्होंने जिस अंदाज में अपना चुनाव प्रचार शुरू किया है। उससे लगता है कि वह दिग्गजों के सामने घुटने टेकने वाले नहीं है। कुल मिलाकर युवा जोश चुनाव मैदान में होने से चुनाव दिलचस्प होगा और अंत तक बराबर का संघर्ष देखने को मिलेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Young Yash test of Pilibhit parliamentary seat