Wireless set sent from PTR to trace Nepali elephants - नेपाली हाथियों ट्रेस करने को पीटीआर से भेजे गए वायरलेस सेट DA Image
20 नबम्बर, 2019|2:24|IST

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नेपाली हाथियों ट्रेस करने को पीटीआर से भेजे गए वायरलेस सेट

नेपाली हाथियों ट्रेस करने को पीटीआर से भेजे गए वायरलेस सेट

1 / 2नेपाल के शुक्ला फांटा से आए हाथी अब काफी उग्र हो गए हैं। बहेड़ी के बाद अब हाथी बरेली सिटी की ओर बढ़ने लगे है। हाथियों की इस चाल से प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। हाथियों की निगरानी के लिए चार...

नेपाली हाथियों ट्रेस करने को पीटीआर से भेजे गए वायरलेस सेट

2 / 2नेपाल के शुक्ला फांटा से आए हाथी अब काफी उग्र हो गए हैं। बहेड़ी के बाद अब हाथी बरेली सिटी की ओर बढ़ने लगे है। हाथियों की इस चाल से प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। हाथियों की निगरानी के लिए चार...

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नेपाल के शुक्ला फांटा से आए हाथी अब काफी उग्र हो गए हैं। बहेड़ी के बाद अब हाथी बरेली सिटी की ओर बढ़ने लगे है। हाथियों की इस चाल से प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। हाथियों की निगरानी के लिए चार वायरलेस सेटों के साथ कर्मचारियों को भेजा गया। सुरक्षा और निगरानी के लिए टाइगर रिजर्व की सभी रेंजों से बंदूकधारी दस वन कर्मचारियों को भेजा गया है। इसके अलावा हाथियों को खदेड़ने की योजना तैयार की गई।

करीब बीस दिन पहले नेपाल से दो हाथी भारतीय क्षेत्र में आ गए थे। यहां पर बराही रेंज में तीन दिन रुकने के बाद महोफ रेंज होते हुए उत्तराखंड सीमा होते हुए अमरिया में पहुंच गए थे। यहां से चलकर अब हाथी बहेड़ी होते हुए बरेली सिटी की ओर पहुंच गए हैं। ऐसे में वनाधिकारियों के साथ ही प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे है। हाथियों को अब किसी भी दशा में खदेड़ना हैं। इसको लेकर बरेली के वनाधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मंथन शुरू हो गया है। टाइगर रिजर्व से हाथियों की निगरानी और लोकेशन जानने के लिए चार वायरलेस सेटों को भेजा गया है। सेटों को भेजने के बाद यहां के वन कर्मचारियों की भी बरेली के आसपास ड्यूटी लगाई गई हैं। इसमें माला रेंज से तीन, बराही से दो, महोफ से तीन बंदूकधारी वन कर्मचारियों को भेजा गया है। ये सभी मौके पर रहकर निगरानी करेंगे। इसके अलावा सामाजिक वानिकी से भी स्टाफ को रोस्टर के अनुसार लगाया है। वन कर्मचारियों की टीम को यहां से दोपहर में रवाना कर दिया गया। इसके अलावा एफडी एच राजा मोहन ने अन्य टीमों के साथ हाथियों को लेकर मंथन किया। डीडी आदर्श कुमार ने बताया कि दस लोगों की टीम को भेजा गया है। इसमें वन दरोगा और वन रक्षक शामिल हैं।

लखनऊ तक पहुंचा नेपाली हाथियों का उत्पात

पीलीभीत। दो राज्यों में उत्पात मचाने वाले हाथियों की गूंज अब शासन स्तर पर भी पहुंच गई है। हाथी भारतीय क्षेत्र में कब और कहां से आए और कितने दिनों तक रुके थे। इसकी पूरी रिपोर्ट प्रधान वन संरक्षक ने एफडी से रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में यह भी पूछा गया है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हाथी कितने दिनों तक रूके थे और कहां कहां गए थे। अब तक हाथी कितना लंबा सफर तय कर चुके हैं। रिपार्ट को लेकर अधिकारियों ने जीपीएस से मिली लोकेशन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। यहां यह बात भी दीगर है कि जब भारतीय क्षेत्र में हाथी आए थे तो उनको खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं हो सका था। यदि समय रहते हाथी को लग्गाभग्गा से ही वापस कर दिया जाता तो आज हालात ऐसे न होते।

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