Whatever age you have made even the children do not have it - जो मकां तुमने बनाए उम्र भर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जो मकां तुमने बनाए उम्र भर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो

जो मकां तुमने बनाए उम्र भर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो

1 / 2जो मकां तुमने बनाए उम्रभर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो...इन पंक्तियों पर गुरुवार रात शहर के बेनहर कॉलेज का हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था हिन्दुस्तान परिवार और संजय नगर के संयुक्त...

जो मकां तुमने बनाए उम्र भर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो

2 / 2जो मकां तुमने बनाए उम्रभर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो...इन पंक्तियों पर गुरुवार रात शहर के बेनहर कॉलेज का हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था हिन्दुस्तान परिवार और संजय नगर के संयुक्त...

PreviousNext

जो मकां तुमने बनाए उम्रभर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो...इन पंक्तियों पर गुरुवार रात शहर के बेनहर कॉलेज का हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था हिन्दुस्तान परिवार और संजय नगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विराट कवि सम्मेल्लन का।

इस कार्यक्रम में प्रख्यात कवि डॉ. अखिलेश मिश्रा के साथ ही बाहर से आये कई बड़े कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शहर विधायक संयज सिंह गंगवार ने किया।

समारोह में काव्य पाठ शुरू होने से पहले सभी कवियों को शाला ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इस कवि सम्मेलन की अगुवाई कर रहे वीर रस के जाने-माने कवि डॉ. राहुल अवस्थी ने सभी कवियों का परिचय कराया। इस मौके पर शहर विधायक ने कवि सम्मेलन के आयोजन को हिन्दी साहित्य के विकास के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा इस तरह के आयोजन एक स्वस्थ्य मनोरंजन के साथ ही ज्ञानवर्धक भी होते हैं।

कवि आलोचनाओं को भी साहित्य की चासनी में घोल लेते हैं। इससे वह जिसकी आलोचना करते हैं उसका भी दिल जीत लेते हैं। कवि सम्मेलन युवा पीढ़ी में भी साहित्य के प्रति रुचि जगाने में मददगार होते हैं। शहर विधायक ने कवि सम्मेलन को साहित्य की कार्यशाला बताया। इसके बाद कवियों ने काव्य पाठ की रसधारा बहाना शुरू की तो सुनने वाले कभी हंसी से लोटपोट हो गए तो कभी भावुकता भरी निगाहों से काव्य पाठ कर रहे कवि को निहारते रहे। हर कवि ने अपने काव्य पाठ से श्रोताओं के मन और चेहरों पर अलग- अलग भाव जगाए।

सम्मेलन में सबसे पहले काव्य पाठ करते हुए लखीमपुर के कवि फारुख सरल ने सुनाया, हम का बलम जो सतैइ हो, तो जेल मा ही तसला बजैइ हो...। सदर तहसीलीदार पीलीभीत विवेक मिश्रा ने कहा, तुम चले जाओ कहीं, आसमां से या जमी से तुम असंभव स्वप्न हो, पर स्वप्न हैं सारे तुम्ही से...।

इंदौर के कवि सत्येन वर्मा ने सुनाया, दौलत की झनकार नहीं, फन की खनक रखते हैं, हम फकीरों की बात पूछो, मुट्ठी में फलक रखते हैं।

एसडीएम बीसलपुर वंदना त्रिवेदी ने कविता पाठ करते हुए कहा कि...ओ हृदय, मत कर प्रणय का तू निवेदन

बांध मत तू प्रीति के संसार से पुकारी मां भारती मेरा वतन। संचालक बरेली कॉलेज बरेली के प्रोफेसर डॉ. राहुल अवस्थी ने कहा, सहा जो वार हर बेकार जाता, मेरे सूरज को पाला मार जाता है, अलग-सी जंग थी दरमियान अपने,अगर में जीतता तो हार जाता।

कवि सम्मेलन के अंत में अपनी रचना सुनाने को जैसे ही डीएम डॉ. अखिलेश मिश्रा उठे तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कविता पाठ करते हुए कहा, जिंदगी का क्या ठिकाना हो न हो,

कल भी यह मौसम सुहावना हो न हो, जो मकां तुमने बनाए उम्र भर, बच्चों का भी वह ठिकाना न हो।

सम्मेलन में इनको मिला गौरव सम्मान

हिन्दुस्तान के कवि सम्मेलन में शहर के तीन युवा पीलीभत युवा गौरव सम्म्मान से नवाजे गए। इनमें हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रांजल अग्रवाल, जेएमबी इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अंचल गुप्ता, सुमन कम्प्यूटर के इंजीनियर सौरभ सक्सेना शामिल रहे।

आयोजन के यह बने सहयोगी

इस कवि सम्मेलन में संजय नगर, राइस मिलर एसोसिएशन पीलीभीत, देव स्टेशनर्स, बंसल स्टेशनरी मार्ट, एलएच शुगर फैक्ट्री, नोवल शुगर मिल बरखेड़ा, श्रीराम सीमेंट कंक्रीट प्रोडक्शन का सहयोग रहा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Whatever age you have made even the children do not have it