अब 27 जुलाई को होगी सुनवाई

Newswrap हिन्दुस्तान, पीलीभीत
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Pilibhit News - पीलीभीत में इको सेंसिटिव जोन में अनधिकृत निर्माण की जांच चल रही है। एनजीटी ने इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को तय की है। टाइगर रिजर्व के इको सेंसिटिव जोन में निर्माण की अनुमति नहीं है। जांच के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है जो 10 सप्ताह में रिपोर्ट पेश करेगी।

अब 27 जुलाई को होगी सुनवाई

पीलीभीत। इको सेंसिटिव जोन में अनाधिकृत निर्माण को लेकर की जा रही जांच और एनजीटी के समक्ष रिपोर्ट पेश करने के मामले में अब अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। पीटीआर के कोर एरिया में एक किमी. के दायरे में इको सेंसिटिव जोन तय किया गया है। पर इससे पूर्व यहां कई निर्माण कार्य हो चुके थे। इनकी जांच कराई जा रही है। अगर मानकों से इतर कोई निर्माण है तो उसकी जाकनकारी जुटाई जा रही है। शीर्ष न्यायालय और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के स्पष्ट आदेश हैं कि टाइगर रिजर्व के इको सेंसटिव जोन के दायरे में कोई भी निर्माण नहीं होगा।

इसी क्रम में एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. ए सेंथिल वेल की डिवीजन बेंच ने इको सेंसटिव जोन में हुए निर्मार्णों की जांच के लिए एक संयुक्त कमेटी का गठन करते हुए दस सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा था। टीम में एनटीसीए, उप्र वन विभाग से पीसीसीएफ और डीएम पीलीभीत को लिया गया था। मामले में सुनवाई नौ अप्रैल तय थी। पर सुनवाई से पूर्व पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ के नॉमिनी के रूप में कतर्नियाघाट के डीएफओ अपूर्व दीक्षित को शामिल गया गया। अब मामले में एनजीटी ने अगली सुनवाई 27 जुलाई तय की है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई 27 जुलाई को होने की जानकारी मिली है।

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