
हादसा: दीपावली की खुशियों पर लगा मौत के मातम का ग्रहण
संक्षेप: Pilibhit News - तीन लोगों की मौत के बाद दियोरिया में छाया मातम,दीपावली की खुशियां हो गई काफूरहादसा: दीपावली की खुशियों पर मौत के मातम काहादसा: दीपावली की खुशियों पर म
दियोरिया,संवाददाता। बरेली में ईको और बस की टक्कर में ईको सवार तीन लोगों की मौत के बाद दियोरिया में सन्नाटा पसरा है। दीपावली को लेकर चल रही तैयारियां और अपनों के साथ दीपावली मनाने के लिए बेताब होकर घर आ रहे अलग-अलग परिवार के तीन लोगों की मौत से पूरा गांव सदमे में है। दीपावली की खुशियां काफूर हो गई हैं। तीनों मृतक आसपास के गांव के ही रहने वाले हैं। इसके अलावा हादसे में 10 लोग घायल भी हो गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के लोग बरेली के लिए रवाना हो गए। परिवार में दीपावली को लेकर चल रही तैयारियों पर मातम का ग्रहण लग गया।

घर की महिलाओं को हादसे की जानकारी देने तक की हिम्मत परिवार के लोग नहीं जुटा पा रहे है। कोतवाली दियोरिया कलां क्षेत्र के ग्राम पकड़िया निवासी 30 वर्षीय राकेश पुत्र विजय बहादुर ईको कार चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। राकेश बरेली में ही किराए के कमरे में रहकर ईको कार चलाते थे। गांव के ही कुछ मजदूर बरेली में धान कटाई के लिए गए थे। उन्हीं को बरेली से लेकर वापस आने के लिए राकेश की ईको कार की बुकिंग हुई थी। बुकिंग से लेकर लौटते समय भुता थाना क्षेत्र में मिर्ची ढाबे के पास ईको कार बस से टकरा गई। हादसे में राकेश की मौके पर ही मौत हो गई। राकेश के परिवार में उसकी पत्नी अंकिता देवी के अलावा 11 साल का बेटा ऋषभ शंखधार और 8 वर्षीय पुत्री मान्या शंखधार है। हादसे की सूचना जैसे ही राकेश के परिवार को भुता पुलिस द्वारा दी गई तो परिजनों को एकाएक विश्वास ही नहीं हुआ। आनन-फानन में परिवार के लोग बरेली रवाना हो गए। हालांकि मृतक की पत्नी और बच्चों को अभी राकेश की मौत की सूचना नहीं दी गई है। हादसे से परिवार में दीपावली को लेकर चल रही खुशियां मातम में बदल गई। दूसरा मृतक दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लम्हुआ निवासी 19 वर्षीय गौरव पुत्र सियाराम है। गौरव के परिवार में भाई मोतीराम, बहन गीता देवी, सुनीता देवी, भाई गोधनलाल, बहन ममता देवी, माधुरी देवी है। गौरव अपने परिवार का सबसे छोटा था और अविवाहित था। गौरव धान काटने के लिए अपने भाई गोधनलाल के साथ घर से धान काटने के लिए 15 दिन पूर्व मथुरा गया था। मथुरा से बरेली तक आ गया था। बरेली से अपने साथियों के साथ आते वक्त रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। गोधनलाल गंभीर रूप से घायल हैं। उसका बरेली के अस्पताल में उपचार चल रहा है। दिवाली से पहले बुझ गए घर के चिराग, परेवा गांव में मातम बिलसंडा। दीपावली पर घर लौट रहे मजदूरों की मौत और घायलों के बाद बिलसंडा के परेवा गांव में मातम पसरा है। परेवा के जितेंद्र कुमार की हादसे में मौत हो गई। जबकि गांव के उसके साथी शिवशंकर, हरिश्चन्द्र, छोटेलाल और महेन्द्र की हालत नाजुक है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक जितेंद्र के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी शादी भी नहीं हुई। पेट पालने के लिए गांव के साथियों के साथ पिछले माह ही सिकंदराबाद मजदूरी करने गया था। दीपावाली पर मजदूरी के साथ ही मिठाई, कपड़े, बच्चों के लिए पटाखे लेकर सभी हंसी-खुशी शुक्रवार रात घर के लिये निकले। बरेली पहुंचकर सभी ने सैटेलाइट बस अड्डे से एक ईको कार पकड़ी और उसमें सवार हो गए। बरेली के भुता थाना क्षेत्र में कार बस से ऐसी टकराई कि दीपावली पर तीन घरों के चिराग बुझ गए। जो मजदूर घायल हैं उनके परिवार भी दुखी हैं। परेवा गांव में दुःख का मंजर है। विधायक विवेक वर्मा, डायरेक्टर नरेन्द्र सिंह, प्रधान समेत तमाम लोगों ने घटना पर दुःख जताया है।

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