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30 अक्तूबर, 2020|1:05|IST

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गीता के पाठ में है स्वच्छता का भी पहाड़ा

गीता के पाठ में है स्वच्छता का भी पहाड़ा

1 / 2उनका नाम गीता कुमारी है..। यूं तो वे ऐसी शिक्षिका हैं कि जिन्हें हर विषय के बारे में जानकारी है पर एक विषय ऐसा भी है जिसकी कोई खास क्लास तो नहीं होती पर वे अपनी रुचि के चलते हर छात्र छात्राओं को उसका...

गीता के पाठ में है स्वच्छता का भी पहाड़ा

2 / 2उनका नाम गीता कुमारी है..। यूं तो वे ऐसी शिक्षिका हैं कि जिन्हें हर विषय के बारे में जानकारी है पर एक विषय ऐसा भी है जिसकी कोई खास क्लास तो नहीं होती पर वे अपनी रुचि के चलते हर छात्र छात्राओं को उसका...

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उनका नाम गीता कुमारी है..। यूं तो वे ऐसी शिक्षिका हैं कि जिन्हें हर विषय के बारे में जानकारी है पर एक विषय ऐसा भी है जिसकी कोई खास क्लास तो नहीं होती पर वे अपनी रुचि के चलते हर छात्र छात्राओं को उसका पूरा ज्ञान देती हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं साफ सफाई और स्वच्छता विषय की। गीता कुमारी का मॉडल स्कूल साफ सफाई के चलते उनकी खासियत और उनकी उपलब्ब्धि को बयां कर रहा है। इस बात से उनके विद्यालय के तमाम छात्र भी काफी प्रेरित हैं और वे अपने अभिभावकों तक को साफ सफाई के बारे में जागरूक करते दिखते हैं।

गुणवत्तापरक शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण समेत कई चीजों में मॉडल प्राइमरी स्कूल बरहा अव्वल स्थान रखता है। ये स्कूल राज्य स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुका है। मॉडल प्राइमरी स्कूल बरहा की प्रधानाध्यापक गीताकुमारी स्टाफ सहयोगियों के साथ बच्चों को विद्यालय में स्वच्छता के बारे में रोजाना प्रार्थना स्थल पर न केवल बताती हैं बल्कि इसके लिए खुद पहल कर प्रेरित भी करती हैं। ऐसी पहल देख कर बच्चे स्वच्छता के प्रति इतने जागरूक हो गए हैं कि घर जाकर अपने माता पिता को भी इस बारे में बताते हैं। पूरे दिन स्कूल के समय में कहीं भी कूड़ा-करकट नजर नहीं आता है। बच्चों को स्वच्छता का पहाड़ा याद करवाया जाता है।

एसएमसी में बताया जाता स्वच्छता का महत्व

स्कूल परिसर में होने वाली एसएमसी मीटिंग में बच्चों के प्रति स्वच्छता के लिए जागरूक किया जाता है। प्रधानाध्यापक गीताकुमारी बच्चों के अभिभावकों को स्वच्छता से होने वाले लाभों के बारे में बताती हैं। वह विभागीय स्वच्छता कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने के लिये प्रोजेक्टर की सहायता से स्वच्छता वीडियो दिखाई जाती है।

स्कूल को कई मिल चुके राज्यस्तरीय पुरस्कार

मॉडल प्राइमरी स्कूल बरहा की प्रधानाध्यापक गीताकुमारी के प्रयास स्कूल में दिखाई दे रहे हैं। उनके प्रयासों से विद्यालय को लगातार दो बार राज्य स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार, राज्य स्तर पर आईसीटी पुरस्कार, राज्य स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार आदि मिले हैं। उन्हें शिक्षा निदेशक, अपर शिक्षा निदेशक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समेत अन्य अधिकारी पुरस्कृत कर चुके हैं। वर्तमान में बरहा स्कूल में 380 बच्चे पंजीकृत हैं। इनके प्रयासों से पूरे विद्यालय का एक-एक कोना स्वच्छता को बयां करता है।

तीन साल के समय में स्कूल को बना दिया आदर्श

प्राथमिक विद्यालय बरहा की प्रधानाध्यापक गीताकुमारी की प्रथम नियुक्ति वर्ष 2005 में प्राथमिक विद्यालय करगैना में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। फिर प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नत होकर प्राथमिक विद्यालय हुसैननगर में शिक्षण कार्य किया। वहां इन्होंने सामुदायिक सहयोग से सभी बच्चों के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराया। फिर वर्ष 2017 में प्राथमिक विद्यालय बरहा में तबादला हो गया। यहां भी सामुदायिक सहयोग से सभी बच्चे फर्नीचर पर पढ़ाई कर रहे हैं। बिना किसी सरकारी धनराशि के कार्य किया।

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  • Web Title:There is also a hygiene table in the Gita text