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माता-पिता का छिन गया साया, निर्माणाधीन आवास की भी रोकी किश्त

हिन्दुस्तान टीम,पीलीभीतNewswrap
Fri, 09 Jul 2021 03:32 AM
माता-पिता का छिन गया साया, निर्माणाधीन आवास की भी रोकी किश्त

बीसलपुर (पीलीभीत)। संवाददाता

नियति ने इन तीन बच्चों के साथ क्रूर मजाक किया। माता-पिता का साया असमय छीन लिया। पर अब व्यवस्था में नियम कायदों के चलते बचपन परेशान है। अब क्या करें, यह बताने वाला भी कोई घर का बड़ा नहीं है। दरअसल बीसलपुर में तीन मासूम बच्चों के सिर से माता पिता का साया दूर हो गया। अब उनके बन रहे प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के आवास की किश्त भी रोक दी गई है। जिससे बच्चे अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं।

तहसील बीसलपुर में मोहल्ला दुर्गा प्रसाद निवासी कमला चरन कश्यप (65) चाट पकोड़े बेंच कर परिवार का गुजारा चलाते थे। पत्नी रामा देवी (60) के नाम से प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में आवेदन किया था। नाम आ गया तो परिवार खुश था। पहले पहल पचास हजार की किश्त आ गई। लगा कि मकान बन जाएगा। पर बीच में कोरोना संक्रमण आ गया। इसमें कमला चरन और रामा देवी ग्रसित होकर काल के गाल में समा गए। इसके बाद तीन बच्चे संगीता देवी (14) बख्तावर लाल कन्या पाठशाला में छात्रा, छोटी बहन मंजू (12) कक्षा आठ में उसी स्कूल की छात्रा है। एक बेटा दिवाकर (8) है। तीन बच्चों के माता पिता गुजर जाने के बाद प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की किश्त रोक दी गई है। बताया गया है कि बच्चे बालिग नहीं है और किश्त जारी करने के लिए कोई वयस्क नाम नहीं है। एसडीएम राकेश गुप्ता ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेज दी है ताकि अनाथ बच्चों के लिए जो योजनाएं हैं उनका लाभ मिल सके। रही बात किश्त संबंधी इसकी प्रक्रिया दिखवा रहे हैं।

एक बार दस हजार रुपये से हुई मदद

जब माता पिता का निधन हुआ तो विधायक रामसरन वर्मा और एसडीएम राकेश गुप्ता ने पहुंच कर तीनों बच्चों को दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की। इसके बाद से बच्चों की कोई मदद नहीं हो पा रही है और बच्चे मायूस और निराश हैं। समाजसेवा करने वालों ने भी अब तक कोई पहल नहीं की है।

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