The newspaper read Ravvir leisurely took a sigh of relief - रवविार को फुर्सत से पढ़ा अखबार, ली राहत की सांस DA Image
13 नबम्बर, 2019|6:07|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रवविार को फुर्सत से पढ़ा अखबार, ली राहत की सांस

रवविार को फुर्सत से पढ़ा अखबार, ली राहत की सांस

1 / 4आयोध्या फैसले के दूसरे दिन भी शहर में पूरी तरह अमन और शांति देखी। रोजाना की तरह लोग अपना-अपना काम निपटाते नजर आए। स्टेशन से लेकर बस स्टाफ पर यात्रियों की भीड़ सामान्य रही। छोटे से बड़े कारोबारी भी अपने...

रवविार को फुर्सत से पढ़ा अखबार, ली राहत की सांस

2 / 4आयोध्या फैसले के दूसरे दिन भी शहर में पूरी तरह अमन और शांति देखी। रोजाना की तरह लोग अपना-अपना काम निपटाते नजर आए। स्टेशन से लेकर बस स्टाफ पर यात्रियों की भीड़ सामान्य रही। छोटे से बड़े कारोबारी भी अपने...

रवविार को फुर्सत से पढ़ा अखबार, ली राहत की सांस

3 / 4आयोध्या फैसले के दूसरे दिन भी शहर में पूरी तरह अमन और शांति देखी। रोजाना की तरह लोग अपना-अपना काम निपटाते नजर आए। स्टेशन से लेकर बस स्टाफ पर यात्रियों की भीड़ सामान्य रही। छोटे से बड़े कारोबारी भी अपने...

रवविार को फुर्सत से पढ़ा अखबार, ली राहत की सांस

4 / 4आयोध्या फैसले के दूसरे दिन भी शहर में पूरी तरह अमन और शांति देखी। रोजाना की तरह लोग अपना-अपना काम निपटाते नजर आए। स्टेशन से लेकर बस स्टाफ पर यात्रियों की भीड़ सामान्य रही। छोटे से बड़े कारोबारी भी अपने...

PreviousNext

आयोध्या फैसले के दूसरे दिन भी शहर में पूरी तरह अमन और शांति देखी। रोजाना की तरह लोग अपना-अपना काम निपटाते नजर आए। स्टेशन से लेकर बस स्टाफ पर यात्रियों की भीड़ सामान्य रही। छोटे से बड़े कारोबारी भी अपने कारोबार में व्यस्त दिखे। हां, फैसले की अगली सुबह कुछ लोग जगह-जगह अखबार पढ़ते हुए नजर आए। लोगों ने सर्वाच्च न्यायालय की तारीफ करते हुए नहीं थके। रविवार को शहर के प्रमुख स्थानों की लाइव रिपोर्ट।

रेलवे स्टेशन : रोजाना की तरह रविवार को भी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या सामान्य रही। स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री आयोध्या प्रकरण मामले में चर्चा करते जरूर दिखे। रविवार को टिकट की चारों बिन्डों खुली थी, पर ट्रेन का समय न होने पर पर विन्डों पर भीड़ नहीं दिखी।

मुख्य बाजार: बाजार का माहौल जैसे रोज रहता था वैसे ही आयोध्या फैसले के अगले दिन रविवार को भी देखा। सभी छोटे बड़े दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकाने खोली और ग्राहक भी पहुंचे। सभी के चेहरों पर रौकने देखी और आयोध्या प्रकरण पर चर्चा करते हुए नजर आए। हर कोई इस फैलसे की सराहना करते हुए नजर आए।

गौहनिया चौराहा: शहर का सबसे ज्यादा व्यस्त गौहनिया चौराहे पर ट्राफिक पुलिस रोजाना की तरह मुस्तैद रही। गौहनियां चौराहे पर सबसे ज्यादा जाम लगता है। एलएच चीनी मील शुरू होने के बाद यह चौराहा भी जाम की स्थिति और बढ़ जाती है। मील चालू भी हो चुकी है, पर अधिक गन्ने की आवक कम है, इसके चलते सब सामान्य रहा।

रोडवेज बस स्टाप : रोडवेज पर भी सब सामान्य रहा। रोजाना की तरह बसे समय पर रवाना हुई। यात्री अपने-अपने गन्तव्य तक पहुंचाने को उत्सुक देखे। रोडवेज चालक और परिचाकों के चेहरे पर खुशी दिखी गई। अभी तक अधिकत्तर बड़े फैसलों में दंगा होते थे इसमें सबसे ज्यादा बसे फूंकी जाती रही है, पर आयोध्या फैसले ने मिशाल कामय किया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:The newspaper read Ravvir leisurely took a sigh of relief