The increase of women will be as powerful as the population of half the population - जितनी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी उतनी सशक्त होगी आधी आबादी DA Image
16 नबम्बर, 2019|6:38|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जितनी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी उतनी सशक्त होगी आधी आबादी

जितनी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी उतनी सशक्त होगी आधी आबादी

राजनीति में महिलाओं की जितनी भागीदारी होनी चाहिए उतना नहीं है। इनके हक की आवाज उठाने और राजनीति में इनकी सहभागिता को लेकर राजनीतिक दलों का ध्यान आकृष्ट करने के लिए हिन्दुस्तान ने इसे आओ राजनीति करें अभियान से जोड़ा है।इस अभियान के तहत अब नारी की बारी को मुद्दा बनाया है। इसके अंतर्गत ही आधी आबादी की ताकत को जगाने और राजनीतिक पार्टियों को इस ताकत का अहसास कराकर उन्हें इनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील होने के लिए जागरूक करने का बीड़ा उठाया है।

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए एक बार फिर राजनीतिक पार्टियां अपने चुनावी एजेंडा तैयार कर इसको सार्वजनिक करेंगी। इस बार के आगमी एजेंडा को लेकर आधी आबादी का मन टटोलने के लिए शुक्रवार को हिन्दुस्तान की टीम उनके विचार जानने को पहुंची तो इनके मन की बात खुलकर बाहर आई। स्प्रिंडगेल कालेज ऑफ मैनेजमेंट में हिन्दुस्तान की टीम ने छात्राओं से जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने आज भी महिलाओं की सुरक्षा को देश की एक बड़ी कमजोरी बताया। सभी छात्राओं ने कहा कि असुरक्षा का भाव आज भी उनके और उनके परिजनों के मन में हर वक्त रहता है। अकले कहीं आने-जाने में उन्हें आज भी कई बार सोचना पड़ता है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भले ही बड़े-बड़े वादे किए जाते हों पर हकीकत आज भी डरावनी सी ही है। छात्राओं ने कहा यह बात कुछ राहत देने वाली है कि अब सरकारें उनके बारे में पहले से अधिक सोचने लगी हैं और काफी हद तक स्थितियों में बदलाव आ रहा है।

आधी आबादी को लेकर बदली है सोच

स्प्रिंगडेल कालेज की प्रिंसिपल प्रिया आनंद ने कहा कि आधी आबादी के प्रति देश में अब सोच बदल रही है। महिला अधिकारी और उनकी सुरक्षा की बात को तवज्जो मिल रही है। इससे हालात सुधरेंगे जरूर। किसी भी बड़ी समस्या के समाधान में समय लगता है पर जब इसको दूर करने की कोशिश होने लगती है तो इसका समाधान हो ही जाता है।

हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए

कंपनी सेक्रेट्री प्रिया गुप्ता कहती हैं कि समाज में आधी आबादी को बराबरी का दर्जा दिलाना है तो हर क्षेत्र में उनकी भागीदार बढ़ाना होगा। जिस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी जितनी बढ़ेगी उस क्षेत्र में महिलाएं उतनी ही सशक्त और सुरक्षित होंगी। देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा देश में कोई भी बात जेंडर पर आधारित नहीं होनी चाहिए। महिलाओं को हर क्षेत्र में उतनी ही अहमियत मिलने की जरूरत है जितन की पुरुषों को। राजनीतिक पार्टियों को यह सोना होगा।

महिलाओं की सुरक्षा आज भी चिंता का विषय

बीबीए की छात्रा अनुपम ने कहा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब भी चिंताजनक स्थिति है। अपने ही समाज में और अपने ही लोगों के बीच महिलाओं का असुरक्षित होना देश की व्यवस्था पर सवाल उठाता है। परिजन आज भी बेटियों को अकेले कहीं भेजने से डरते हैं। बेटियों के मन में भी डर का भाव रहता है। इसमें अब बदलाव आना चाहिए।

ऐसा बने माहौल की परिजन हो सकें बेफिक्र: बीबीए की ही छात्रा राजप्रीत कौर कहती हैं कि राजनीतिक पार्टियों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह वह देश में ऐसा माहोल तैयार करें जिससे महिलाओं के मन से असुरक्षा की भावना दूर हो सके। परिजन अपनी बेटियों की सुरक्षा के प्रति बेफिक्र हो सकें।

चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं की दिखे चिंता

चुनाव आते ही राजनीतिक पार्टियां बड़ी-बड़ी बातें करने लगती हैं। महिलाओं के अधिकारी और उनकी सुरक्षा को लेकर भी ऐसी ही बातें होती हैं। राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्र में महिलाओं को लेकर कोई बड़ी फिक्र नहीं दिखाई देती है। उन्हें चाहिए कि वह देश की आधा आबादी की भी चिंता करें। यह कहना था छात्रा सर्वजीत कौर का।

अब बराबरी का अवसर मिलना चाहिए

जगदीप कौर ने कहा महिलाएं देश के हर क्षेत्र में भले ही अपना परचम लहरा रही हों पर उन्हें इसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है। आज भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां उन्हें बराबरी का अवसर नहीं मिल पाता है। सरकारों को चाहिए की वह महिलाओं को भी बराबरी का दर्जा दिलाएं।

असुरक्षा के भाव कब तक मन में रहेगा

छात्रा किरन गंगवार सवाल उठाती हैं कि लड़कियों के मन में आखिर असुरक्षा की भावना कब तक रहेगी। वह कब बिना किसी संकोच को कहीं आ-जा सकेंगी। लड़कियों को कमजोर समझने की सोच में बदलाव लाने के बारे में सरकारों को सोचना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: The increase of women will be as powerful as the population of half the population