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अधिक निर्भरता की आदत भी महिलाओं के लिए है घातक, खुद बने जागरूक

अधिक निर्भरता की आदत भी महिलाओं के लिए है घातक, खुद बने जागरूक

आधी आबादी बराबरी का दर्जा तभी हासिल कर सकेगी जब वह खुद इसके लिए जागरूक होगी। महिलाओं को अपनी अत्यधिक निर्भरता की आदत छोड़नी होगी। यह आदत भी उनके आत्मनिर्भर होने की राह में बाधा है। अधिकांश महिलाएं घर और बाहर के जरूरी कामों के लिए परिवार के ही पुरुषों पर निर्भर रहती हैं। इसका असर उनके मनोबल पर पड़ता है। इससे उनके भीतर असुरक्षा और संकोच की भावना बनी रहती है।

मनोबल कमजोर होने से ही वह अकेले कहीं आने-जाने में कतराती हैं। इसी कमजोरी के चलते ही उन्हें अपराध की घटनाओं का सामना करना पड़ जाता है। महिलाओं की स्थिति बेहतर करने के लिए सबसे पहले बेटियों की शिक्षा और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। घरों में उनकी परवरिश भी भेदभाव रहित होनी चाहिए। परवरिश भेदभाव पूर्ण होने से ही बेटियों के भीतर कमजोरी का भाव घर जाता है। बचपन से मन में घर कर यह भाव ताउम्र बना रहता है। यह बातें कहीं मंगलवार को हिन्दुस्तान के आओ राजनीति करें अब नारी की बारी का हिस्सा बनी स्प्रिंगडेल कालेज आफ मैनेजमेंट की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने। कार्यक्रम में छात्रा रितिका ने कहा कि बेटियों की शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए। परिवार और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए। छात्रा शिवांगी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बेटियों को आत्मरक्षा के लिए भी जागरूक होना चाहिए। छात्रा स्वाति यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर भी बनना होगा। इससे ही महिला सशक्तिकरण हो पाएगा। छात्रा ललिता ने कहा बेटियां जैसे-तैसे पढ़ तो लेती हैं, पर उन्हें आत्मनिर्भर होने के लिए रोजगार नहीं मिल पाता है। इससे उनकी स्थिति ज्यों की त्यों ही रह जाती है। छात्रा सोनम सक्सेना ने कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान आज भी चिंता का विषय हैं।

बेटियों की बात

सरकारें महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हों संजीदा

शिक्षिका सोनियां सिंगला कहती हैं महिलाओं की बड़ी समस्या आज भी सुरक्षा को लेकर है। समाज में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं का असर सभी महिलाओं की मानसिक स्थिति पर पड़ता है। इससे उनके भीतर असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है। महिलाओं को अपनी ताकत मतदान में दिखानी चाहिए। उन्हें ऐसे जनप्रतिनिधि को चुनना चाहिए जो महिलाओं के सम्मान ओर उनकी सुरक्षा को लेकर संजीदा हो।

महिलाओं को खुद भी होना होगा सशक्त

कालेज की लेक्चरर त्रिप्ती अग्रवाल कहती हैं महिलाएं तभी सशक्त होंगी जब वह आत्मनिर्भर होंगी। हमारे समाज में आज भी अधिकांश महिलाएं अपने परिवार के ही पुरुष सदस्यों पर निर्भर रहती हैं। इससे वह खुद जागरूक नहीं हो पाती हैं और उनकी जिंदगी घर की चाहरदीवारी तक ही सीमित हो जाती है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। इसके लिए सबसे पहले उन्हें शिक्षित होना जरूरी है। बेटियों को शिक्षित करना परिवार और सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए।

बेटियों को मिले सुरक्षित माहौल

छात्रा शिखा कहती हैं बेटियों को घर से लेकर बाहर तक सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। इससे उनमें आत्मविश्वास जगेगा और इससे वह हर क्षेत्र में बेहतर कर सकेंगी। सुरक्षित माहौल नहीं मिलने से ही बेटियां कई बार उनके साथ होने वाली उत्पीड़न की घटनाओं को सामने नहीं ला पाती हैं। इससे घटनाएं बढ़ती हैं।

महिलाओं को हो अपने अधिकारों की जानकारी

छात्रा प्रेमवती कहती हैं महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। जागरूकता के अभाव में भी उनके साथ अन्याय होता है और इसको सहन करने के लिए मजबूर होती हैं। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जरूरत है।

पढ़ाई की हो बेहतर व्यवस्था छात्रा

वेदमुखी कहती हैं बेटियों की पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। उन्हें प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक मुफ्त मिलनी चाहिए। गरीब परविार की बेटियों को पढ़ाई के लिए खर्च मिलना चाहिए। इससे उसकी निजी जरूरत पूरी हो सकेगी। इसका असर उनकी सेहत पर भी पड़ेगा।

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  • Web Title:The habit of excess dependence is also fatal for women