DA Image
27 नवंबर, 2020|9:01|IST

अगली स्टोरी

53 रुपये प्रतिदन हो रहे खर्च फिर भी गोवंश बेहाल

53 रुपये प्रतिदन हो रहे खर्च फिर भी गोवंश बेहाल

बीसलपुर नगर पालिका 23 रुपये और सरकार तीस रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 53 रुपये गोवंशियों पर खर्च कर रही है। बावजूद इसके गोसरंक्षण केंद्र पर व्यवस्थाएं आदर्श स्थापित नहीं कर पा रही हैं। गोवंश की हालत पतली है और व्यवस्थाओं में सुधार की बाट जोह रही है।

यहां एक सप्ताह में आठ गोवंश की मौत हो चुकी है। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है कि सभी उम्र दराज हैं। एक बछड़े को गो संरक्षण केंद्र से बाहर निकाल दिया गया और उसके कान पर लगा टैग भी काट दिया गया है ताकि कोई सवाल न उठे। कुल 1.62 करोड़ की लागत से बनी गोशाला का निर्माण बीसलपुर में पालिका प्रशासन के द्वारा कराया गया था। सरकार गोवंशीयों के लिए प्रतिदिन एक गोवंशीय पर 30 रुपये दे रही है तो वहीं पालिका प्रशासन की ओर से एक गोवंशीय पर 23 रुपये अपनी ओर से खर्च कर रही है। कुल मिलाकर 53 रुपये गोवंश के खाने व रहने की व्यवस्था के लिए खर्च किए जा रहा हैं। गोवंशीयों की गोसंरक्षण केंद्र पर सही से देखभाल हो सके इसके लिए पालिका प्रशासन ने सात कर्मचारी भी तैनात कर दिए हैं। पर व्यवस्था का आलम यह है कि सप्ताह में आठ गोवंशियों ने दम तोड़ दिया। प्रदेश सरकार भले ही गोवंशीयों के संरक्षण के लिए लाखों रुपया खर्च कर रही है पर व्यवस्स्था में सुधार नहीं है।

प्रतिमाह दो लाख से अधिक गोवंशीयों पर किया जा रहा है खर्च

बीसलपुर के गोसंरक्षण केंद्र पर वर्तमान में 129 गोवंश हैं। एक गोवंशीय पर रोजाना 53 रुपये खर्च हो रहे हैं। कुल 6837 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से खर्च है। पूरे माह में कुल मिलाकर 20,5110 रुपया खर्च हो रहा है। इसके बाद भी न तो बीमार पशुओं का सही से इलाज किया जा रहा है और न ही उनकी देखरेख हो रही है।

रामलीला के निकट स्थाई गोसंरक्षण केंद्र का निर्माण नहीं कराया गया है। अस्थाई रूप से अभी गोसंरक्षण केंद्र चल रहा है। पालिका प्रशासन की देखरेख में गोसंरक्षण केंद्र है। जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

-रामसरन वर्मा, विधायक बीसलपुर

बीसलपुर नगर पालिका प्रशासन गोसंरक्षण केंद्र के प्रति गंभीर है, जो भी चारा मिलना चाहिए वह चारा गोवंशीयों को दिया जा रहा है। बरसात के दिनों में पानी भर जाने के कारण गोवंशीयों को दिक्कतें होती हैं। बीमार पड़ने पर पशु पालन विभाग को सूचित किया जाता है।

-उमेश चंद्र आनंद, प्रभारी ईओ बीसलपुर

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:The expenditure of Rs 53 per day is still going on for the cow