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4 मार्च, 2021|10:17|IST

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हाईवे किनारे रहने वाले सोलह परिवारों को मिली पक्की छत

हाईवे किनारे रहने वाले सोलह परिवारों को मिली पक्की छत

पीलीभीत। हिन्दुस्तान संवाद

किसी की जिंदगी बदल देना आसान नहीं होता। जिंदगी गुजर जाती है और अपनी छत मयस्सर नहीं हो पाती। लेकिन पीलीभीत में जिला प्रशासन की पहल पर सड़क किनारे अपने पन्नीनुमा झोपड़ पट्टी में रहने वाले लोगों को नए साल का उपहार मिला है। ऐसे कई परिवारों को बकायदा मकान उनके नाम से अलॉट करके दे दिए गए हैं।

सड़क किनारे हमेशा से पन्नी/झोपड़ी के नीचे गुजर बसर करने वालों ने शायद ही पक्के घर का सपना सच होने की सोची हो। ऐसे में आवास का तोहफा मिला तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बुधवार को सभी परिवार नए घर में शिफ्ट कर दिये गये। सभी परिवारों ने डीएम की इस पहल को सराहा।

लिटिल एंजिल्स स्कूल के पास टनकपुर हाईवे पर 13 घुमंतू परिवार कई वर्षों से पन्नी के नीचे गुजर बसर करते आ रहे थे। यहीं पर वे अपने लोहे के यंत्र बनाकर बेचते थे। ठंड और बरसात में बहुत दिक्कतें होती थीं। कई हाकिम आए और चले गए। किसी ने इन परिवारों के बारे में नहीं सोचा। डीएम पुलकित खरे ने इनकी आंखों की नमी और उनके ख्वाब को महसूस किया। इन्हें पक्का घर दिलाने की योजना तैयार की। एसडीएम और तहसीलदार से बात करके काशीराम कॉलोनी में अवैध तरीके से रहने वालों से आवास खाली कराया गया और इन जरूरतमंद परिवारों को शिफ्ट कराया। कुल 16 परिवरों को शिफ्ट कराया गया है। सभी रामलीला मैदान के पास स्थित काशीराम कॉलोनी में पहुंचने पर प्रसन्न हैं।

डीएम साहब ने हमे पक्का आवास दिया है, इसका मैं कभी एहसान नहीं भूलुंगा। डीएम साहब से एक और अपील है कि जो हमारा काम बंद हो रहा है उसका भी कुछ समाधान कराएं।

हमें विश्वास नहीं हो रहा कि हमारा भी पक्का मकान हो गया। अपना आशियाना मिलने से काफी खुशी है। हमारा काम बंद हो रहा है इसका अफसोस भी है।

मैंने कभी नहीं सोचा था कि हमारा भी पक्का मकान होगा। पर अब हमारा पक्का घर है। डीएम साहब के प्रयास से हमें पक्की छत मिली है। करीब 35 सालों से यहां पर रहती आई हूं।

बरसात और ठंड में काफी दिक्कते होती थी, पर किससे कहें। जैसे तैसे गुजर बसर करते रहे। अब प्रशासन ने हम आवास देकर हमारी जिंदगी सुधारने का काम किया है।

मैं जब भी उधर से गुजरता था। देखकर बुरा लगता था। इन्हें पक्का आवास दिलाने के लिए एसडीएम और तहसीलदार से बात की। काशीराम कॉलोनी में अवैध तरीके से रहने वालों से आवास खाली कराया। बुधवार को सभी को वहां शिफ्ट कराया गया है। इनका व्यवसाय न बंद हो इसको लेकर कॉलोनी के पास ही कुछ जगह दी जाएगी। ताकि इनका काम चलता रहे।

- पुलकित खरे, डीएम।

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  • Web Title:Sixteen families living on the highway got a roof