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26 जनवरी, 2020|11:23|IST

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हर बार की तरह समीक्षा तो की, लेकिन खामियां नहीं मिलीं

हर बार की तरह समीक्षा तो की, लेकिन खामियां नहीं मिलीं

हर बार की तरह इस बार भी राज्य महिला आयोग की सदस्य ने समस्याएं सुनीं, समीक्षा भी की, लेकिन उस दौरान उन्हें कोई खामी नहीं मिली। उन्होंने समीक्षा बैठक के बाद बा स्कूल का निरीक्षण भी किया, लेकिन वह भी सिर्फ सिर्फ रुटीन देखने तक रहा।

राज्य महिला आयोग की सदस्य शशिबाला भारती पिछले कई सालों से जिले में महिला उत्पीड़न की घटनाओं की समीक्षा करने पहुंची हैं और निर्देश लेकर चली जाती है। कुछ पीड़ित महिलाओं को बुलाकर उनसे बात कराकर औपचारिकताएं भी कराई जाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आयोग की सदस्य ने पहले की तरह इस बार भी महिला उत्पीड़िन की समीक्षा की और कुछ पीड़िताओं से बात की। इसमें ज्योति भारतद्वाज, दीपिका सक्सेना, मीना शैली आदि ने महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखी। समीक्षा के दौरान उन्होंने हर बार की तरह महिलाओं एवं किशोरियों के साथ सड़क पर होने वाली छेड़छाड़ के संबंध में चर्चा कर और इस पर रोक लगाने के निर्देश संबंधितों को दिए। समीक्षा के दौरान जिला प्रबोशन अधिकारी संजय निगम, एसीएमओ डाबीवी राम, डीपीओ अरविंद कुमार, डीआईओएस संत प्रकाश, बीएसए देवेंद्र स्वरूप, जिला समाज कल्याण अधिकारी केपी सिंह, मीनाक्षी पाठक, सोनम शर्मा, लता शर्मा, खुशबू जहां, सुवर्णा पांडेय आदि मौजूद रहे।

निरीक्षण में देखी व्यवस्थाएं : समीक्षा बैठक के बाद आयोग की सदस्य ने गौहनिया चौराहे पर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवासीय विद्यालयों में बालिकाओं के रहन सहन, भोजन की गुणवत्ता, रसोई घर की साफ-सफाई व सुरक्षा व्यवस्था आदि देखा। इसी क्रम में उन्होंने छात्राओं के लिए शौचालय व स्नान गृह की व्यवस्थाएं जो ठीक न मिलने पर नाराजगी जताई।

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