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28 नवंबर, 2020|7:28|IST

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बिजनेस एसोसिएट के रूप में भी नजर आएंगे रेलवे अफसर

बिजनेस एसोसिएट के रूप में भी नजर आएंगे रेलवे अफसर

पीलीभीत। वरिष्ठ संवाददाता

केवल ट्रेन दौड़ाना ही नहीं बल्कि वित्तीय गतिविधियों को भी सरपट दौड़ाने की जिम्मेदारी रेलवे अफसरों पर है। इसी प्रक्रिया में बीडीयू यानि बिजनेस डवपमेंट यूनिट का गठन कर रेलवे ने अपने अफसरों को बिजनेस एसोसिएट के तौर पर सक्षम बनाने की नायाब पहल की है। कोरोना संक्रमण दौर के बाद रेलवे अपने को व्यवस्थित करने की लगातार पहल कर रहा है ताकि पिछले दिनों (लॉकडाउन) से मिले जख्मों से रेलवे की व्यवस्था उबर सके।

देश में रेलवे अफसरों के लिए यह खास पहल की गई है। हाल ही में इस नायाब पहल के जरिए ही रेलवे को एक बड़ा कांट्रेक्ट मिला था। इसमें लालकुआं के हल्दी रोड से सरहद पार बांग्लादेश में गुडस ट्रेन भेजी गई थी। इसके अंतर्गत टाटा एस छोटे वाहनों की खेप को रेलवे ने वहां पहुंचाया था। इसी सफलता से उत्साहित होकर रेलवे ने बिजनेस डवलपमेंट यूनिट के तौर पर पूरे देश में टीमों को बनाया है। यह बीडीयू टीम अपने अपने जिले या क्षेत्र के बड़े व्यापारियों, औद्योगिक कारोबार करने वाले उद्योगपति या पूंजीपतियों से मिलेगी। साथ ही रेलवे से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बताएगी। साथ ही व्यापारियों और उद्योगपतियों से उनके सुझाव भी लिए जाएंगे कि रेलवे और क्या नए तरह से करे जिससे रेलवे की मालगाडियों में उन्हें सुविधा हो और वे अपना माल सड़क मार्ग से भेजने के बजाए अधिक सुरक्षित रेलवे यातायात से भेजने मे रुचि लें। आपसी समन्वय से रेलवे अधिकारी उद्योगपतियों से मेलजोल बढ़ा कर रेलवे के लिए आय अर्जित करेंगे। फिलहाल पीलीभीत में भी बीडीयू (बिजनेस डवलपमेंट यूनिट) ने अपनी छाप छोड़ी है जल्द कोरोना संक्रमण काल के बाद दीपावली से पूर्व पहली मालगाडी दक्षिण भारत के लिए फर्राटा भरेगी।

बीडीयू में कौन कौन विभाग

इस पूरी बीडीयू सिस्टम में एडीआरएम इसके सर्वेसर्वा होते हैं। सीनियर डीओएम और सीनियर डीसीएम पूरी प्रक्रिया में अहम निर्णय लेते हैं और स्थानीय स्तर पर डीसीआई व यातायात निरीक्षक का इसमें बड़ा योगदान होता है। स्टेशन अधीक्षक के तौर पर उनकी भी परफारमेंस पर नजर रखी जाती है।

कौन कौन खास है रेलवे के लिए

जिले में बांसुरी कारोबार, चीनी कारोबार, धान और गेहूं की खेप को दूसरे जगह निर्यात किया जाता है या फिर आयात किया जाता है। इसके काम से जुडे लोगों से लगातार पीलीभीत में बीडीयू यूनिट संपर्क करेगी। हर संभव सहूलियत देकर लोडिंग के लिहाज से अनुकूप परिस्थितयां मुहैया कराना प्राथमिकता में होता है। बीडीयू यूनिट के अफसर एक तरह से बिजनेस एसोसिएट के रूप में रेलवे द्वारा प्रदत्त सुविधाओं के बारे में विस्तार से कारोबारियों के घर या प्रतिष्ठान में पहुंच कर जानकारी देंगे। ताकि वे रेलवे से माल भेजने या मंगाने को प्रेरित हों।

अभी हाल ही में बांग्लादेश को एक खेप हमारी रेलवे ने भेजी है। यह बीडीयू के प्रयासों से ही हो सका। रेलवे ने लक्ष्य तय किया है कि 2024 तक माल लदान दोगुना हो जाए। इसी प्रक्रिया में सभी तरह के प्रयास हो रहे हैं।

- राजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, इज्जतनगर रेल मंडल

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  • Web Title:Railway officer will also be seen as a business associate