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बारकोडिंग के अभाव में पुष्टाहार वितरण में धांधली

पहले की तरह अब भी पुष्टाहार वितरण में धांधली चरम पर है। धांधली रोकने के लिए शासन ने करीब चार महीना पहले बार कोडिंग सिस्टम शुरू कराने को हरीझंडी दी थी, पर आज तक मामला जैसे का तैसा है। बारकोडिंग शुरू न होने ठेकेदार और कार्यकत्रियों की मौज है। पुष्टाहार वितरण में जमकर बंदर बांट का खेल चल रहा है, इसकी पोल निरीक्षण में खुली। कुपोषण पर लगाम लगाने के लिए शासनस्तर से बड़ी-बड़ी योजनाएं शुरू की जा चुकी हैं और कुछ चल भी रही हैं। पहले एक या दो प्रकार के पुष्टाहार बंटने के लिए आते थे, पर अब 18 प्रकार के पुष्टाहार का मीनू है। पहले आंगनबाड़ी कार्यकत्री खुद गोदामों पर जाकर पुष्टाहार उठाकर लाती थी, जब अब यह खत्म हो गया है। सरकार ने एक कंपनी को ठेका देकर पुष्टाहार सभी केंद्रों पर पहुंचाने का नियम बना दिया है।

कंपनी ने अपने स्तर से जिले में ठेकेदारों को काम सौंप दिया, जो केंद्रों पर पुष्टाहार बांटने का काम कर रहे हैं। चार महीने बाद भी बारकोडिंग सिस्टर शुरू न होने से ठेकेदार से लेकर कार्यकत्री पुष्टाहार वितरण में खेल करने का मामला सामने आया है। निरीक्षण में कुछ केंद्रों पर पुष्टाहार ही नहीं पहुंचा तो कुछ केंद्र बंद मिले पर वहां का पुष्टाहार उठाया जा चुका है। यह सब खेल क्षेत्र के सीडीपीओ, ठेकेदार और कार्यकत्री की मिलीभगत से चल रहा है। पिछले 15 दिनों के निरीक्षण में 30 से अधिक सेंटर बंद मिले और पता करने पर यह भी जानकारी मिली की अधिकतर यह सेंटर बंद ही रहते है। अब सवाल यह है कि जब सेंटर बंद है तो इस सेंटर का पुष्टाहार किसने उठाया। उठा भी है तो किसको बांटा गया है। फिलाहल मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।

मंडल में चुना गया था बिलसंडा

बरेली मंडल के पीलीभीत के बिलसंडा में बार र्कोंडग सिस्टम को शुरू करने के लिए चुना गय है। यहां से सफलता मिलने के बाद मंडल के साथ ही जिले के सभी विकास खंडों में इसका शुभारम्भ करना था, पर चार महीने बाद भी यह सिस्टम शुरू नहीं हो सका। इस सिस्टर के माध्यम से पुष्टाहार की ऑनलाइन निगरानी होगी। किसी केंद्र पर कितना पुष्टाहार पहुंचा और कितना बंटा इसकी रिपोर्ट प्रत्येक दिन विभाग को ऑनलाइन देनी होगी।

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  • Web Title:Racket in the distribution of vigor in barcoding