भाकपा माले ने की छात्र नेताओं की रिहाई की उठाई मांग
Pilibhit News - पूरनपुर में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और जेएनयू के छात्र नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर दलितों और पिछड़ों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाया।

पूरनपुर, संवाददाता। भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने तहसील में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान सौंपे गए ज्ञापन में यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और जेएनयू के छात्र नेताओं की रिहाई की मांग की गई। शनिवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माले के कार्यकर्ता जिला प्रभारी अफरोज आलम के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए तहसील पहंुचे। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार ऋषिकांत दीक्षित को सौंपा गया। इस दौरान अफरोज आलम ने कहा भाजपा सरकार को सिर्फ वोट के लिए दलितों पिछडों की जरूरत है। यूजीसी ने सरकार की रिपोर्ट पर ही विश्वविद्यालयों शिक्षण संस्थाओं मे दलितों पिछडो के साथ जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए बनाया है।
जिस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से रोक लगी है। इस दौरान कहा गया कि सरकार दलितों पिछडो की हितैषी है तो लोकसभा मे कानून बना कर इन रेगुलेशन को लागू करे। सरकार यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज कर उन्हे गिरफ्तार कर रही है। भाकपा माले इस कार्रवाई का विरोध करती है। इस दौरान 26 फरवरी को जेएनयू में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छात्र नेताओं की रिहाई की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में लालबहादुर, सईद खां, सचिव देवीदयाल, मारिया, इलियास, नरेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
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