बीसलपुर अस्पताल में धरने पर बैठा परिवार
Pilibhit News - बीसलपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर एक पति-पत्नी ने धरना दिया। यह धरना ढाई साल पहले प्रसव के दौरान बच्चे की मौत और पत्नी की बिगड़ी हालत को लेकर था। सरताज अली ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर और नर्स की अनुपस्थिति में जबरन प्रसव कराया गया।

बीसलपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मे ढाई वर्ष पूर्व प्रसव प्रक्रिया के दौरान बच्चे की हुई मौत के मामले तथा प्रसूता की बिगड़ी हालत को लेकर एक बार मामला फिर तूल पकड़ गया। प्रसूता सहित उसके पति ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर बैठकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर धरना दिया। पहुंचे नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मोहल्ला ग्यासपुर निवासी सरताज अली सुबह दस बजे सीएचसी पर अपने परिवार के साथ पहुंचे। वहां गेट पर ढाई साल पूर्व हुई चिकित्सालय में उसकी पत्नी के प्रसव के दौरान बच्चे की हुई मौत तथा प्रसूता की बिगड़ी हालत को लेकर धरना शुरू कर दिया।
इस पर सीएचसी अधीक्षक डॉ.आलमगीर ने सूचना एसडीएम नागेंद्र पांडे को दी। तत्काल नायब तहसीलदार वीरपाल सिंह यादव को मौके पर भेजा। धरने पर बैठे सरताज अली ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को दिया। ज्ञापन में उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी रेशमा बेगम के बच्चे का जन्म होना था। वर्ष 2023 में दस मई को पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। इसके बाद वह अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचा। यहां जहां मौजूद आशा मिली। उन्होंने सुबह करीब 11 बजे वहां पर दो अन्य लोग पत्नी को ओटी में लेकर चली गई। पत्नी के विरोध के बाद जबरन बच्चे का जन्म करने लगी। जबकि मौके पर वहां कोई डॉक्टर व नर्स मौजूद नहीं थी। आरोप है कि शाम छह बजे जबरन उक्त मेठ ने बच्चों का जन्म करा दिया। प्रसूता के बच्चे का जबरन जन्म करने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई और बच्चे की भी कुछ ही देर में मृत्यु हो गई। एसडीएम नागेंद्र पांडे ने बताया कि स्वास्थ्य को सूचित कर दिया गया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




