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30 सितम्बर, 2020|2:00|IST

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नेपाल बॉर्डर के गांव गभिया सहराई पहुंचे थे प्रणब दा

नेपाल बॉर्डर के गांव गभिया सहराई पहुंचे थे प्रणब दा

वित्त मंत्री रहते हुए प्रणव मुखर्जी पीलीभीत आए थे। यही नहीं बंगाली बाहुल्य बस्ती में आकर उन्होंने अपनी मातृभाषा में ही पब्लिक को चुनाव के दौरान रिझा दिया था। उनकी हर घोषणा और आश्वासन पर बंगाली समुदाय के लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए जमकर तालियां बजाई थीं। यही नहीं प्रणव मुखर्जी न्यूरिया क्षेत्र में भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में सभा करने यहां पीलीभीत पहुंचे थे।

पूर्व राष्ट्रपति 84 वर्षीय प्रणव मुखर्जी का निधन होने के बाद जब सूचना पीलीभीत में बंगाली परिवारों तक आई। तो वे स्तब्ध रह गए। देश के 13वें राष्ट्रपति के तौर पर प्रणव मुखर्जी ने देश को नई दिशा और सोच दी थी। वे हमेशा ही निर्विवाद रहे। वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में वे पीलीभीत के पूरनपुर में माधोटांडा अंतर्गत नेपाल बॉर्डर पर सीमांत गांव गभिया सहराई पहुंचे थे। कांग्रेस प्रत्याशी सुखलाल के समर्थन में आयोजित इस चुनावी सभा में उनके साथ पश्चिम बंगाल की एक नेता नूरजहां भी आईं थीं। मातृभाषा बंगाली में जब प्रणव दा ने अपना संबोधन शुरू किया तो उत्साहपूर्वक बंगाली समाज के लोगों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया था। प्रणब दा तब वित्त मंत्री थे।

नागरिकता मुद्दे के अलावा जमीन पर मालिकाना हक और नमोशूद्र को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने का भरोसा दिला गए थे प्रणव दा की हर बात को बंगाली समाज ने कानों ही नहीं बल्कि दिल से सुना था। यहीं नहीं चुनाव के दौरान न्यूरिया में भी वे कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के लिए आए थे। गभिया सहराई में हुई प्रणव दा की चुनावी जनसभा सुपरहिट रही थी। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन से पूर्व मीडिया में रोज जारी होते रहे उनके स्वास्थ्य बुलेटिन को लेकर यहां बंगाली हमेशा ही नजर बनाए रखते थे साथ ही अपने नेता की लंबी आयु के लिए प्रार्थना भी करते रहते थे। पर सोमवार को आई शोक सूचना के बाद यहां भी बंगाली परिवारों में दुख की लहर दौड़ गई।

कोठी पर जाकर दी थी मुबारकबादकांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे सुधीर तिवारी बताते हैं कि जब प्रणव दा राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए। तब मैं अपने एक जर्नालिस्ट मित्र के साथ दिल्ली गया था और प्रणव दा की कोठी पर जाकर उन्हें बधाई दी थी। बहुत ही खुशमिजाज और उदार भाव वाले वे निर्विवाद नेता रहे।

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  • Web Title:Pranab da reached Ghabhiya Sahrai village in Nepal border