एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस पर पैनल चर्चा, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
Pilibhit News - मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत साधना सप्ताह में एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने इस बढ़ती वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती पर चिंता जताई। डॉ. दीपिका वर्मा ने एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस के कारण और रोकथाम उपायों पर जानकारी दी। प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत मनाए जा रहे साधना सप्ताह के तहत सोमवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर इस बढ़ती वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती पर गंभीर चिंता जताई। कार्यक्रम का संचालन एवं मॉडरेशन माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका वर्मा और फिजियोलॉजी विभाग के सह आचार्य डॉ. मुकेश पांडे ने किया। शुरुआत में डॉ. दीपिका वर्मा ने एंटीबायोटिक रेसिस्टेंस पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए इसके कारण, दुष्परिणाम और रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस की वर्तमान स्थिति, इसके क्लीनिकल प्रभाव और नियंत्रण के लिए आवश्यक उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के करीब 30 फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे। चिकित्सकों और छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी करते हुए अपने सवाल और सुझाव रखे। प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि एंटी माइक्रोबियल रेसिस्टेंस जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इस दौरान पैनल चर्चा में शल्य चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. जगदम्बा शरण, सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण सिंह, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम चंद्र श्रीवास्तव, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. श्रेयाशी, मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विनीत बंसल और फार्माकोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शकील अहमद शामिल रहे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


