Only one night shelter in the city bonfire is not known - शहर में सिर्फ एक रैन बसेरा, अलाव का पता नहीं DA Image
13 दिसंबर, 2019|12:32|IST

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शहर में सिर्फ एक रैन बसेरा, अलाव का पता नहीं

शहर में सिर्फ एक रैन बसेरा, अलाव का पता नहीं

सर्दी का मौसम शुरू होने के बावजूद भी अभी तक पालिका प्रशासन ने रैन बसेरा के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाने में जुटी हुई है। दिन प्रतिदिन सर्दी में इजाफा हो रहा है। सड़कों और मुख्य चौराहे पर असहाय और बुजुर्ग सर्द रातों खुले आसमान के नीचे रातें काटने को मजबूर हो रहे है।

पालिका प्रशासन की हीलाहवाली के चलते अभी तक अलाव के टेंडर को तक नहीं किया जा सका है। जिससे शहर के प्रमुख चौराहों पर अभी तक अलाव भी नहीं जल पा रही है। नगर पालिका परिषद की हीलाहवाली के चलते पालिका रैन बसेरा के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाने का कार्य कर रही है। शहर में अभी तक मूलचंद धर्मशाला में रैन बसेरा को बनाया जाता है। इस वर्ष भी उसे रैन बसेरा के लिए चयनित कर सारी तैयारियां भी पूरी की गई। उसके बाद डीएम वैभव श्रीवास्तव ने जब रैन बसेरा का निरीक्षण तब उन्होंने बिल्डिंग को खस्ताहाल बताते हुए रैन बसेरा को दूसरे जगह बनाने के लिए कहा। जिसके चलते नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी निशा मिश्रा ने पालिका परिसर में बने एक कमरे में रैन बसेरा का निर्माण तो करा दिया, लेकि न कमरे में काम के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई को ही पूरा किया जा सका है। रैन बसेरा में सिर्फ पांच से छह लोगों के ही रहने भर की ही मात्र जगह है। वहीं अलाव के नाम पर भी पालिका प्रशासन खेल करने में जुटा हुआ है। सर्द हवाओं के बीच चौराहे पर लोगों का हाल बेहाल हो रहा है, लेकिन अभी तक पालिका प्रशासन अलाव के लिए टेंडर भी नहीं निकाल सकी है। ऐसे में चौराहे पर अलाव भी नहीं जल पा रही है। वहीं सर्द रातों में बाहर से आने वाले लोग चाय की दुकान पर लगी भट्टियों का सहारा ले रहे है।

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