
नीलामी के पांच महीने बाद भी नहीं टूटा तहसील का पुराना भवन
Pilibhit News - पूरनपुर में नीलामी के पांच महीने बाद भी पुराना तहसील भवन ध्वस्त नहीं किया गया है। अधिवक्ताओं में इसको लेकर नाराजगी है। भवन जर्जर हो चुका है और इसके गिरने का खतरा बना हुआ है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से जल्द से जल्द भवन को ध्वस्त कराने की मांग की है।
पूरनपुर। नीलामी के पांच महीने बाद पुराने तहसील भवन को ध्वस्त नहीं किया गया। उसके गिरने की आशंका बनी हुई है। इसको लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने भवन को ध्वस्त कराने की मांग की है। तहसील का पुराना भवन काफी जर्जर हो चुका है। अधिवक्ताओं की मांग पर बीते 28 अगस्त को भवन की नीलामी की गई थी। भवन नीलामी की 21 लाख की अंतिम बोली ठेकेदार आशिक के नाम पर छूटी थी। ठेकेदार ने नीलामी की पांच लाख पच्चीस हजार जमानत राशि भी जमा कर दी है। पांच महीने बीतने के बाद भी नीलाम हो चुके जर्जर भवन को ध्वस्त नहीं कराया गया।
इस भवन के चारों ओर अधिवक्ताओं के चैबंर हैं। जबकि इस भवन को ध्वस्त कराने का डीएम की ओर से 10 अक्टूबर को अनुमोदन भी हो चुका है। इसके बावजूद मनमानी के चलते भवन को ध्वस्त नहीं कराया जा रहा है। तहसील प्रशासन की ओर से ठेकेदार को दो नोटिस भी दिए जा चुके हैं। भवन ध्वस्त न कराए जाने से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने कहा कि जर्जर भवन के गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है। इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। ठेकेदार के भवन को ध्वस्त कराने पर उसकी जामानत राशि जब्त करते हुए प्रशासन को फिर से नीलामी कराकर भवन को ध्वस्त कराना चाहिए। इस जर्जर भवन को हटाने से सभी अधिवक्ता सहयोग करेंगे।

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