
धान खरीद में घपलेबाजी, केंद्र प्रभारी और सचिव पर एफआईआर के आदेश
Pilibhit News - मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद धान खरीद केंद्रों पर जांच शुरू हुई, जिसमें पूरनपुर क्षेत्र में घपलेबाजी का मामला सामने आया। अधिकारियों ने पाया कि 528.02 मीट्रिक टन धान की खरीद में से केवल 225.00 मीट्रिक टन ही राइस मिल को भेजा गया। यह गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं।
पीलीभीत/पूरनपुर। मुख्यमंत्री द्वारा किसानों को प्राथमिकता और सुविधा देने के निर्देशों के क्रम में जब धान खरीद केंद्रों पर अधिकारियों ने जांच शुरू की तो खलबली मच गई है। केंद्र पर धान खरीद के आंकड़े चेक करने के दौरान पूरनपुर क्षेत्र में घपलेबाजी खुल कर सामने आ गई। यहां धान केंद्र प्रभारी और समिति के सचिव पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश एआर कोऑपरेटिव ने दिए हैं। दरअसल एक अक्टूबर से चल रही धान की खरीद के बीच लगातार बिचौलियों के हावी होने की सूचनाएं सामने आ रहीं थीं। इस पर अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने खुद निर्देशित किया और कहा कि किसानों को शासन की नीतियों का लाभ मिलना चाहिए।
इसके बाद डीएम ज्ञानेंद्र सिंह समेत अधिकारियों ने कंट्रोल रूम समेत अन्य संसाधनों से खरीद पर सख्ती करते हुए शिकंजा कसा गया है। धान खरीद में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के निर्देशों के बीच एआर कोऑपरेटिव डॉ.प्रदीप कुमार ने बीते दिवस बी पैक्स लिमिटेड घुंघचईया समिति परिसर में धान क्रय केंद्र का मुआयना किया। यहां मिले केंद्र प्रभारी से ऑनलाइन क्रय पंजिका मांग कर चेकिंग की गई। इसमें 61 किसानों से 528.02 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई थी। पर हैरानी इस बात की सामने आई कि खरीद के सापेक्ष सिर्फ 225.00 मीट्रिक टन धान ही राइस मिल को डिलीवर किया गया था। शक होने पर किसानों से की गई बातचीत में खुला मामला शक होने पर किसानों को फोन करके जानकारी ली गई। इसके बाद पूरा मामला खुलता चला गया। किसानों ने बताया कि धान क्रय केंद्र पर नहीं राइस मिल पर दिया था। क्रय केंद्र पर केवल अंगूठा लगाया था। रिपोर्ट में तथ्यों का उल्लेख करते हुए पीसीयू संस्था के बीपैक्स घुंघचईया समिति परिसर में संचालित क्रय केंद्र के प्रभारी और समिति सचिव पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश पीसीयू जिला प्रबंधक को किए गए हैं। गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं : एआर कोआपरेटिव सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक डा.प्रदीप कुमार ने बताया कि धान खरीद में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिचौलियों की भूमिका पर भी अधिकारी सख्त हैं। पीसीयू जिला प्रबंधक को एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। 4862 किसानों से लिया फीडबैक अभी तक 30142 किसानों की ओर से धान पंजीकरण कराते हुए 77 फीसद का तहसीलों से सत्यापन हो गया है। कुल 11669 किसानों से 88553.10 मीट्रिक टन धान खरीद जा चुका है। कंट्रोल रूम से 4862 किसानों से फीडबैक लिया गया है।

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