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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश पीलीभीतधान की कटाई में मशीनरी नहीं आ रही काम, श्रमिकों के भी बढ़ गए दाम

धान की कटाई में मशीनरी नहीं आ रही काम, श्रमिकों के भी बढ़ गए दाम

हिन्दुस्तान टीम,पीलीभीतNewswrap
Mon, 01 Nov 2021 03:12 AM
धान की कटाई में मशीनरी नहीं आ रही काम, श्रमिकों के भी बढ़ गए दाम

सप्ताहभर पहले हुई भारी बारिश से अधिकांश किसानों की धान की खराब हो गई। जलभराव वाले निचले खेतों में बची-खुची फसल को किसान श्रीमिकों को लगाकर दाना-दाना एकत्र करा हैं। बताते हैं कि बारिश के बाद से श्रमिकों की दिहाड़ी दो सौ से बढ़कर तीन-साढ़े तीन सौ रुपए हो गई है। बारिश के पानी से खेत अभी भी गीले हैं। इससे धान की कंबाइन मशीन से नहीं हो पा रही है। किसान खेतों के सूखने का इंतजार कर रहे हैं। ताकि मशीन से कटाई कराकर फसल को घर और बिक्री के लिए ले जाया जा सके।

बरसात का मौसम निकलने के बाद अचानक हुई भारी बारिश से किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है। निचले खेतों से अभी भी पूरी तरीके से बारिश का पानी नहीं निकल पाया है। धान की बालियों में अंकुर निकलने लगे हैं। इससे किसान खेतों में पड़ी धान की बची-खुची फसल को हाथ से कटवाकर बाहर निकलावा रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल को हाथ से काटने और खेत से बाहर निकालने के लिए श्रमिक ढूढ़े नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि अधिकांश किसान बारिश थमने के बाद से पानी में डूबे धान को हाथ से ही कटवा रहे हैं। इससे श्रमिकों की दिहाड़ी भी पहले से सौ-डेढ़ सौ रुपए बढ़ गई है। ऊंचे खेतों से बारिश का पानी तो निकल गया है लेकिन गीलापन है। ऐसे खेतों में खड़े धान की कटाई कंबाइन मशीन से नहीं हो पा रही है। खेत गीेले होने से मशीन दलदल में धंस जाती हैै। इसपर कई ट्रैक्टरों से खिंचाई कराकर उसे बाहर निकालना पड़ता है। किसान पुष्पजीत सिंह और अन्य किसानों का कहना कि इस समय धान की कटाई में मशीनरी भी काम नहीं आ रही है। खेत सूखने का इंतजार किया जा रहा है। ताकि मशीन से धान की कटाई कराई जा सके। सप्ताहभर पहले हुई भारी बारिश के बाद से किसानों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनके चेहरे मायूस हैं।

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