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गुलेश्वर नाथ मंदिर पर जलाभिषेक करना कांवड़ियों के लिए आसान नहीं

गुलेश्वर नाथ मंदिर पर जलाभिषेक करना कांवड़ियों के लिए आसान नहीं

सावन माह के पहले सोमवार को मंदिरों में कांवड़ियों के जलाभिषेक को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिरों को पूजा अर्चना के लिए सजाया गया है। मुख्य मंदिर बाबा गुलेश्वर नाथ पर पुलिस तैनात कर दी गई है, लेकिन उखड़े पड़े बरेली मार्ग से इस बार कांवड़ियों के लिए जल लेकर यहां तक आना आसान नहीं होगा।

बीसलपुर बरेली मार्ग पिछले दो वर्षों से उखड़ा पड़ा हुआ है। बरसात में इस मार्ग की हालत बद से बदत्तर हो गई है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी मार्ग का शीघ्र निर्माण कराए जाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, विधायक रामसरन वर्मा सड़कों का जाल बिछाए जाने के दावे तो करते नजर आ रहे हैं, पर बरेली रोड उनके दावों की पोल खोल रही है।

सावन में इसी मार्ग पर प्रदेश के कोने कोने से कांवड़िए कछला और हरिद्वार के लिए जल भरने जाते हैं और गोला गोकर्णनाथ और बाबा गुलेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए पैदल ही इस मार्ग से कांवड़ लेकर जाते हैं। इस बार इस मार्ग पर कांवड़ियों के लिए पैदल गुजरना किसी भी खतरे से खाली नही है। बुरी तरह से टूट चुके रोड से जब कोई वाहन निकलता है तो गड्ढों में भरा गंदा पानी उसके ऊपर उछलकर गिरता है। इससे कपड़े खराब हो जाते हैं। प्रशासन ने बाबा गुलेश्वर नाथ मंदिर में पहले सावन में कांवड़ियों का जलाभिषेक शांतिपूर्ण कराए जाने की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। बाबा गुलेश्वर नाथ के अलावा पशुपति नाथ मंदिर, बंगाली बाबा मंदिर, बारह पत्थर शिव मंदिर आदि शिव मंदिरों को सजा दिया गया है।

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  • Web Title:Jalabhishek on the Guleshwar Nath Temple is not easy for the Kanvadi